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Political turmoil in Chhattisgarh over Dharmendra Pradhan's resignation; BJP and Congress at loggerheads.
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे नैतिक जवाबदेही और सिद्धांत आधारित राजनीति का उदाहरण बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे सरकार की विफलता का परिणाम करार दे रही है। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले किए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भाजपा सिद्धांत आधारित राजनीति में विश्वास रखने वाली पार्टी है। उनके अनुसार, पार्टी सत्ता को अधिकार नहीं बल्कि जनता और राष्ट्र की सेवा का माध्यम मानती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित, पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही भाजपा की कार्यसंस्कृति के मूल आधार हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का नैतिक आधार पर दिया गया इस्तीफा इसी राजनीतिक संस्कृति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भाजपा में पद से बड़ा सिद्धांत होता है और यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही स्वीकार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने दम पर जनआंदोलन खड़ा करने में सक्षम नहीं है और वह दूसरे आंदोलनों में राजनीतिक लाभ तलाशती है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान हुए पीएससी भर्ती घोटाले के समय कांग्रेस की नैतिकता कहां थी और उस दौरान संबंधित मंत्री ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी विफलता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और प्रधानमंत्री को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। दीपक बैज ने दावा किया कि देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल बनने से भाजपा परेशान है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. ममता साहू ने कांग्रेस नेता सुरेंद्र वर्मा और भाटापारा के संजय बघेल के खिलाफ तीन दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए हैं। आरोप है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एक महिला के साथ हुई कार्रवाई की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर साझा की गई थी।वहीं, कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आयोग को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर भी प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।