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Politics: Congress President Mallikarjun Kharge's controversial statement, calling Modi a 'terrorist', BJP protests
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "आतंकी" कहने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। यह बयान तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनावों के ठीक पहले दिया गया, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भाजपा ने इस बयान का विरोध करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताया है। भाजपा ने खरगे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से माफी की मांग की है।
खड़गे का सफाई बयान: "राजनीतिक आतंकवाद" का आरोप
चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं और सरकारी एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर सबको धमका रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अन्ना द्रमुक, जो भाजपा के साथ गठबंधन में है, कैसे मोदी जैसे "आतंकी" के साथ जुड़ सकती है। इस बयान के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह अपमानजनक है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और देश में शांति स्थापित की है।
भा.ज.पा. का चुनाव आयोग में शिकायत
भा.ज.पा. ने इस विवादित बयान को लेकर चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। पार्टी का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन होता है और चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस गिरती हुई राजनीति को जनता ही जवाब देगी।
पीयूष गोयल का कड़ा जवाब: स्टालिन पर हमला
केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु भाजपा के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर तीखा हमला बोला। गोयल ने स्टालिन को विभाजनकारी और भारत विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान देश की एकता के लिए खतरे की घंटी हैं। गोयल ने कहा कि स्टालिन और उनके परिवार ने तमिलनाडु के लोगों को गुमराह किया है और उनके बयान केवल राज्य की प्रगति में अड़चन डालने वाले हैं।
स्टालिन के बयान पर विवाद
स्टालिन ने कहा था कि परिसीमन में प्रगतिशील राज्यों को सजा देने की कोशिश की जा रही है, और यह बयान उनके राजनीति के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों से खिलवाड़ कर रही है, खासकर तमिलनाडु और दक्षिण भारत के मामलों में।