

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Post-mortem of tribal teenage girl's body conducted again due to suspicion of sexual exploitation.
सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में एक ठेकेदार के घर काम करने वाली आदिवासी किशोरी के शव का शुक्रवार को चार चिकित्सकों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम किया। इसके पहले मृतका का शव लेकर परिजन और ग्रामीण गुरुवार रात में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। परिजनों का आरोप था, कि पुलिस ने जांच में लापरवाही की है। उन्होंने किशोरी के साथ यौन शोषण की आशंका जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग की थी।
आपको बता दें, कि बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र की आदिवासी किशोरी पिछले एक महीने से भटगांव थाना क्षेत्र में एक ठेकेदार के घर में रहकर घरेलू काम कर रही थी। मंगलवार शाम किशोरी के परिजन को फोन पर सूचना दी गई, कि किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर परिजन भटगांव पहुंचे। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया और ठेकेदार ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपए भी दिए। शव को मृतका के गृहग्राम भेज दिया गया। गुरुवार को अंतिम संस्कार से पहले की जाने वाली प्रक्रिया के दौरान परिजन को संदेह हुआ, कि किशोरी के गले में फांसी लगाने के निशान नहीं हैं और उसके प्रइवेट पार्ट में सूजन भी है। संदेह के आधार पर सर्व आदिवासी समाज की सहायता से गुरुवार रात पिकअप वाहन में शव को लेकर परिजन और ग्रामीण अंबिकापुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंच गए। वहां आइजी दीपक झा परिजन और सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीच हुई। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा के निर्देश पर मृतका के शव का शुक्रवार को दोबारा पोस्टमार्टम किया गया।