

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Power company takes major action against government departments; over 750 connections disconnected, ₹4.43 crore recovered.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बिल के बकाये को लेकर बिजली वितरण कंपनी ने सख्ती बढ़ा दी है। बकाया भुगतान नहीं करने वाले प्रदेशभर के 750 से अधिक सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। कार्रवाई के बाद करीब 400 सरकारी कार्यालयों ने तत्काल बकाया राशि जमा कर दी, जिससे बिजली कंपनी ने 4.43 करोड़ रुपये की वसूली की है।
सरकारी विभागों पर बिजली बिल की देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का कुल बकाया करीब 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ी देनदारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की है, जिस पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया बताया गया है।
इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, वन, स्वास्थ्य और अनुसूचित जाति विभाग समेत कई अन्य सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपये की देनदारी है।
बिजली वितरण कंपनी ने बकाया राशि की वसूली के लिए सरकारी कार्यालयों पर कार्रवाई तेज कर दी है। बकाया भुगतान नहीं करने वाले कार्यालयों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद जिन कार्यालयों ने राशि जमा कर दी, उनके बिजली कनेक्शन भुगतान के बाद ही बहाल किए जा रहे हैं। कंपनी की ओर से बकाया रखने वाले विभागों से लगातार संपर्क भी किया जा रहा है, ताकि लंबित राशि की वसूली की जा सके।
सरकारी विभागों से बिजली बिल की वसूली सुनिश्चित करने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इसके बावजूद कई विभाग न तो अपना पुराना बकाया चुका रहे थे और न ही प्रीपेड व्यवस्था अपनाने के लिए आगे आ रहे थे।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सरकारी विभागों के करीब 80 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, कई विभागों की ओर से प्रीपेड व्यवस्था के लिए आवश्यक भुगतान नहीं किया जा रहा है।
बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा होने के बाद ही काटे गए बिजली कनेक्शन बहाल किए जा रहे हैं। कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी विभागों से लंबित बिजली बिल की वसूली करना और भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।
750 से अधिक कनेक्शन काटे जाने के बाद करीब 400 कार्यालयों द्वारा भुगतान किया जाना इस कार्रवाई के शुरुआती प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी आने वाले दिनों में भी बकाया भुगतान नहीं करने वाले सरकारी कार्यालयों के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकती है।