

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Preparations to ease access to Bastar are intensifying... this crucial road project will gain fresh momentum as soon as final approval is received.
रायपुर। बस्तर में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना अब अंतिम वन स्वीकृति के इंतजार में है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच-30 के 6.010 किलोमीटर हिस्से को चौड़ा और मजबूत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। राज्य सरकार का कहना है कि परियोजना में सड़क विकास के साथ वन, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
परियोजना के पहले चरण में निर्धारित शर्तों का अनुपालन पूरा होने के बाद दूसरे चरण की वन स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। अब अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य को गति देने का रास्ता साफ हो जाएगा।सरकार का प्रयास है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के जरिए आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी हों, जिससे परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैव-विविधता और प्राकृतिक संपदा के लिहाज से बस्तर के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। इसलिए यहां सड़क का विस्तार सामान्य परियोजनाओं से अलग संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है।राज्य सरकार के अनुसार निर्माण प्रक्रिया में वन, वन्यजीव और पर्यावरण से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों को प्राथमिकता दी जा रही है। विकास कार्य के साथ प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एनएच-30 बस्तर के प्रमुख हिस्सों को आपस में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसका संबंधित हिस्सा जगदलपुर को सुकमा और कोंटा की दिशा से जोड़ता है। सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से स्थानीय लोगों तथा दूसरे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुगम आवागमन मिलने की उम्मीद है।बेहतर सड़क संपर्क से दूरस्थ इलाकों तक प्रशासन की पहुंच मजबूत होने के साथ आपात स्थिति में आवागमन भी आसान हो सकता है।
कांगेर घाटी बस्तर के प्रमुख प्राकृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में शामिल है। सड़क की स्थिति बेहतर होने से पर्यटकों की आवाजाही को सुविधा मिलने की संभावना है। इसके अलावा स्थानीय व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के समग्र विकास में सड़क संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके अनुसार कांगेर घाटी क्षेत्र में एनएच-30 का उन्नयन सभी जरूरी वैधानिक और पर्यावरणीय प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कांगेर घाटी को बस्तर और छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर बताते हुए विकास के साथ वन, वन्यजीव और जैव-विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
फिलहाल परियोजना के लिए अंतिम वन स्वीकृति का इंतजार है। केंद्र से अनुमति मिलते ही एनएच-30 के 6.010 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे बस्तर की सड़क अधोसंरचना मजबूत होने के साथ कांगेर घाटी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।