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Prioritizing employment for the youth, accessible services for citizens, and equipping people with modern skills: Chief Minister Vishnu Deo Sai.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। इस दौरान नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। वहीं, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू हुआ। इसके अलावा नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं देना तथा नई पीढ़ी को आधुनिक कौशल से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास और डिजिटल गवर्नेंस को आपस में जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।
नवा रायपुर के विकास में युवा अभियंताओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है।
उन्होंने युवा अभियंताओं से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। उद्योग, निजी क्षेत्र, स्टार्टअप, उद्यमिता और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल सेवाओं को लेकर चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू
कार्यक्रम में चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। वहीं कॉमन सर्विस सेंटर की सेवाओं को भी सेवा सेतु से जोड़ने की योजना है।
इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत कम होगी और अधिक सरकारी सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर उपलब्ध हो सकेंगी। कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को इन केंद्रों की पहचान करने में आसानी हो।
सेवा सेतु से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन
वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। 1 अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।
वहीं प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए 600 से अधिक शासकीय और व्यावसायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 सरकारी सेवाओं की पहुंच इन कॉमन सर्विस सेंटर तक भी बढ़ेगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के लोगों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं मिल सकेंगी।
एक हजार से ज्यादा सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद एक हजार से अधिक सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का रास्ता तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर से बचाना और सेवाओं की डिलीवरी को पारदर्शी व समयबद्ध बनाना है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था
नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक करीब 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है।
नवा रायपुर में 250 करोड़ से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां हर साल करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की योजना है।
संस्थान में करीब 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पाठ्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में युवाओं के पास केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना जरूरी है। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नवा रायपुर में बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल के अवसर
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर जैसे आधुनिक शहर के निर्माण में युवा इंजीनियरों को योगदान देने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि रोजगार की संभावनाएं अब सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, तकनीक, उद्यमिता और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।
केंद्रों पर सेवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगी
सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा केंद्रों पर नागरिकों को उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, EWS प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी सेवाएं, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा और निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी इन केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त अभियंता मौजूद रहे।