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Bastar Olympics 2026
रायपुर। बस्तर क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए 1 अक्टूबर से पंजीयन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 30 अक्टूबर तक चलेगी। प्रतियोगिताओं का आयोजन तीन चरणों में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बस्तर संभाग के आयुक्त और सभी जिलों के कलेक्टरों को आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगिता में शामिल कराने के निर्देश दिए हैं।
14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी भी ले सकेंगे हिस्सा
बस्तर ओलंपिक में जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं हिस्सा ले सकेंगे। वहीं सीनियर वर्ग में महिला और पुरुष प्रतिभागियों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों और पुनर्वासित सदस्यों की भागीदारी सीधे संभाग स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
इस तारीख से होंगे अलग-अलग चरण
बस्तर ओलंपिक के लिए 1 से 30 अक्टूबर तक पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद प्रतियोगिताएं चरणबद्ध तरीके से आयोजित होंगी।
विकासखंड स्तर: 1 नवंबर से 13 नवंबर
जिला स्तर: 16 नवंबर से 25 नवंबर
संभाग स्तर: 7 दिसंबर से 11 दिसंबर
11 खेलों में होंगी प्रतियोगिताएं
बस्तर ओलंपिक में विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। एथलेटिक्स में 100, 200 और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले शामिल हैं।
इसके अलावा तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल में भी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं सीधे जिला स्तर पर आयोजित की जाएंगी। सीनियर महिला वर्ग में रस्साकसी को प्रदर्शनात्मक खेल के तौर पर शामिल किया गया है।
पिछले दो संस्करणों में लाखों खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी खेल प्रतिभा को पहचान दिलाने के लिए राज्य शासन ने वर्ष 2024 में बस्तर ओलंपिक के पहले संस्करण का आयोजन किया था। इसमें करीब 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया।
वहीं वर्ष 2025 में आयोजित दूसरे संस्करण में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले संस्करण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों और दूसरे संस्करण के 18 खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन के रूप में चिन्हित किया गया था।
तीसरे संस्करण के जरिए भी बस्तर के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।