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Property attachment and auction Raipur registration department
रायपुर: राजधानी रायपुर में पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा चेक से भुगतान अनिवार्य करने जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं, इसके बावजूद स्टाम्प ड्यूटी चोरी का खेल धड़ल्ले से जारी है। विभाग द्वारा पिछले 10 वर्षों की रजिस्ट्रियों का ऑडिट किया जा रहा है, जिसमें भारी विसंगतियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के बाद विभाग ने 452 मामलों में ₹14 करोड़ से अधिक की स्टाम्प ड्यूटी बकाया पाते हुए नोटिस जारी किया है।
ऑडिट के दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति छिपाने को लेकर मिली है। कई मामलों में जहां वास्तव में मकान बना हुआ है, उसकी रजिस्ट्री केवल 'प्लॉट' (खाली जमीन) दिखाकर करा ली गई। पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना किसी 'स्पॉट निरीक्षण' (मौका मुआयना) के ही रजिस्ट्रियां पास कर दी गईं, जिससे शासन को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है। स्टाम्प ड्यूटी कम भरने के लिए आधा भुगतान चेक से और आधा नकद (कैश) में लिया जा रहा है। सड़क किनारे की कीमती जमीनों को अंदरूनी क्षेत्र का बताकर कम गाइडलाइन दर पर टैक्स चुकाया गया।
शहर के बाहरी इलाकों (आउटर एरिया), फार्म हाउसों और होटल प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्रियों में जांच एजेंसियों को सबसे गंभीर विसंगतियां मिली हैं। निर्माण का वास्तविक उपयोग छिपाने के लिए होटलों में कमरों की संख्या वास्तविक से कम दिखाई गई। कई लक्जरी फार्म हाउसों को कागजों पर 'कृषि भूमि' बताकर भारी टैक्स छूट लेने का प्रयास किया गया।
विभाग अब इन सभी संदिग्ध संपत्तियों का फिजिकल वेरिफिकेशन (भौतिक सत्यापन) करवा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद कुछ और बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है।
पंजीयन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियां नीलाम कर दी जाएंगी। वर्तमान में 16 संपत्तियों की कुर्की की जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई केवल रायपुर तक सीमित नहीं रहेगी; जल्द ही राज्य के अन्य जिलों में भी पुराने दस्तावेजों की जांच तेज की जाएगी।
"रजिस्ट्री में गड़बड़ी और स्टाम्प शुल्क चोरी की गहन जांच की जा रही है। जिन प्रकरणों में दस्तावेजों और मौके की स्थिति में अंतर मिला है, वहां नियमानुसार नोटिस जारी कर वसूली की जा रही है। बकाया जमा नहीं करने वालों पर कुर्की और नीलामी की सख्त प्रक्रिया अपनाई जाएगी।" विनोद कोचे, मुख्य जिला पंजीयक, रायपुर