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Protest style shifts at Jantar Mantar; Gen-Z links the movement to memes, AI, and social media trends.
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब पारंपरिक धरने से अलग नजर आ रहा है। जेन-जी यानी नई पीढ़ी के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन को सोशल मीडिया की भाषा, डिजिटल क्रिएटिविटी और वायरल कंटेंट के अंदाज में पेश करना शुरू कर दिया है।युवा अब केवल नारे लगाने और भाषण सुनने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एआई, मीम्स, रील्स और ट्रेंडिंग फॉर्मेट के जरिए अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी एआई तकनीक से तैयार की गई आवाजों में गाने और संदेश चला रहे हैं। देर रात युवाओं ने एआई की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज में तैयार किया गया 'सैयारा' गीत भी लाउडस्पीकर पर बजाया।इसके अलावा सोशल मीडिया पर लोकप्रिय धुनों पर पैरोडी तैयार कर परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को सामने रखा जा रहा है।
जेन-जी के बीच विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का तरीका भी बदलता दिख रहा है। कई युवा कैफे या फिल्मों की जगह अब 'प्रोटेस्ट डेट' के लिए जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं।सोशल मीडिया के जरिए नए दोस्त बनाकर कुछ युवा पहली मुलाकात आंदोलन स्थल पर कर रहे हैं। इससे प्रदर्शन स्थल युवाओं के लिए एक सामाजिक जुड़ाव की जगह भी बनता जा रहा है।
जंतर-मंतर पर कई युवा अलग-अलग रूपों में नजर आ रहे हैं। कोई बैटमैन और स्पाइडर मैन की पोशाक पहनकर पहुंच रहा है, तो कोई महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की वेशभूषा में दिखाई दे रहा है।पुलिस बैरिकेड को बैडमिंटन नेट की तरह इस्तेमाल करना, छोटे और मजेदार मीम पोस्टर लेकर पहुंचना और प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं को रील बनाकर शेयर करना जेन-जी की नई शैली का हिस्सा बन गया है।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय 'गेट रेडी विद मी' ट्रेंड अब प्रदर्शन का हिस्सा बन गया है। युवा अपने घर से निकलने से पहले कपड़े, जूते, बैग और जरूरी सामान दिखाते हुए वीडियो बना रहे हैं।कुछ युवाओं ने इसे 'हिरासत की तैयारी' जैसे नाम भी दिए हैं, जिसमें वे मजाकिया अंदाज में बताते हैं कि प्रदर्शन में जाने के लिए वे कैसे तैयार हो रहे हैं।
जंतर-मंतर पर हर दिन नए तरीके देखने को मिल रहे हैं। एक युवती दुल्हन के जोड़े में प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और हाथ में एक पोस्टर लेकर खड़ी रही। पोस्टर पर शादी से जुड़ी वेबसाइट का नाम लिखा था।उसका संदेश था कि जब युवाओं के भविष्य पर पेपर लीक जैसी समस्याओं का असर पड़ रहा है तो परिवार करियर की चिंता छोड़ शादी की बात करने लगते हैं। इस तरह गंभीर मुद्दे को व्यंग्य और हास्य के माध्यम से उठाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी घटनाओं को भी युवाओं ने सोशल मीडिया कंटेंट में बदल दिया। एक वीडियो में पुलिस से बचकर दौड़ते प्रदर्शनकारी को लोकप्रिय मोबाइल गेम 'सबवे सर्फर्स' की शैली में एडिट किया गया।इस तरह की एक रील को इंस्टाग्राम पर करोड़ों व्यूज मिलने की बात सामने आई है। इससे पता चलता है कि युवा आंदोलन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़े स्तर पर पहुंचा रहे हैं।
नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हुए। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, भोपाल, गुवाहाटी और आइजोल समेत कई शहरों में रैलियां निकाली गईं।प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। देशभर में कई लोगों को हिरासत में लिया गया और कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद में भी गतिरोध जारी है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की वीडियोग्राफी और चेहरे पहचानने वाली तकनीक के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।याचिकाकर्ता ने इसे निजता के अधिकार से जुड़ा मामला बताया है, जबकि केंद्र सरकार ने इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।
भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसे देशों में रहने वाले भारतीय छात्रों और प्रवासियों ने भी नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं।जेन-जी का यह आंदोलन दिखाता है कि नई पीढ़ी पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों, रचनात्मकता और सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कर अपनी आवाज को व्यापक स्तर तक पहुंचा रही है।