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Questions raised again about CBSE answer sheets, two pages missing from a student's scanned copy.
नई दिल्ली। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और री-इवैल्युएशन प्रक्रिया को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ओडिशा की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे उपलब्ध कराई गई फिजिक्स की स्कैन कॉपी में दो पन्ने गायब थे। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कई छात्र पहले भी री-इवैल्युएशन के दौरान गलत उत्तरपुस्तिका दिखाए जाने की शिकायत कर चुके हैं।
पेज 14-15 दो बार, 16-17 गायब
ओडिशा के मयूरभंज जिले की छात्रा अंकिता आचार्य ने कम अंक मिलने के बाद री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया था। छात्रा का दावा है कि सीबीएसई द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में पेज 14 और 15 दो बार दिखाई दे रहे थे, जबकि पेज 16 और 17 पूरी तरह गायब थे। इस गड़बड़ी के बाद छात्रा और उसके परिवार ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
अभिभावक ने उठाए मूल कॉपी के सत्यापन पर सवाल
अंकिता के पिता और सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी प्रशांत कुमार आचार्य ने कहा कि यदि स्कैन कॉपी में ही पन्ने गायब हैं, तो यह सुनिश्चित कैसे किया जाएगा कि मूल उत्तरपुस्तिका का सही तरीके से सत्यापन हुआ है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियां छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही हैं।
OnMark पोर्टल की सुरक्षा पर भी सवाल
इस बीच कुछ एथिकल हैकर्स ने दावा किया है कि उत्तरपुस्तिकाओं के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे OnMark पोर्टल के सेवा प्रदाता के सर्वर पर रखी फाइलों तक अनधिकृत पहुंच संभव है। सोशल मीडिया पर भी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
CBSE का दावा- सुरक्षा खामियां दूर की गईं
सीबीएसई ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पोर्टल में चिन्हित सुरक्षा खामियों को दूर कर लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, आईआईटी और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सिस्टम को और मजबूत बनाने में जुटे हैं। साथ ही, एथिकल हैकर्स से मिले सुझावों और शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
री-इवैल्युएशन प्रक्रिया में सामने आ रही लगातार गड़बड़ियों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड को उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग और सत्यापन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे।