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Questions raised over silver donations at the Ayodhya Ram Mandir; murder of a youth following a dispute over a local train door sparks a sensation.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब चांदी से जुड़े दान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। दावा किया जा रहा है कि मंदिर निर्माण के लिए दान की गई चांदी की कुछ सामग्री का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है। इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए इस मामले पर सवाल उठाए। वहीं, गोरखपुर के सराफा व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने मंदिर की नींव में स्थापित करने के लिए चांदी की 'कागभुसुंडि' और करीब 40 किलो चांदी की ईंटें श्रद्धापूर्वक दान की थीं।
कैसल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. राजू वी. मनवानी ने दावा किया कि 26 जनवरी 2021 को उन्होंने एक-एक किलो वजन की 200 चांदी की ईंटें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी थीं। उनका कहना है कि दानदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि उनके योगदान का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस संबंध में कोई जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि मामला एसआईटी जांच के दायरे में है और जांच पूरी होने तक कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
मामले के बीच वर्ष 2020 की एक निजी ऑडिट रिपोर्ट भी चर्चा में है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के शुरुआती प्रशासनिक प्रबंधन को अव्यवस्थित बताते हुए कहा गया था कि दान और वित्तीय लेन-देन का व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे।