

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Questions raised over smart meters; consumers across the state distressed by sudden spikes in electricity bills.
रायपुर। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इन दिनों बिजली बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की शिकायतें तेजी से सामने आ रही हैं। खासकर जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले की तुलना में बिजली का बिल अचानक काफी ज्यादा आने लगा है। पिछले तीन से चार माह के दौरान इस तरह की शिकायतों में लगातार इजाफा हुआ है। इस मुद्दे के सामने आने के बाद 100 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल और शिकायतों की जानकारी साझा की है।
शिकायत करने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके घरों में बिजली के उपकरण और उपयोग का तरीका पहले जैसा ही है। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की दर्ज खपत और बिल दोनों में असामान्य वृद्धि दिखाई दे रही है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन्हें समाधान के लिए बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं ने ऐसे उदाहरण सामने रखे हैं, जिनमें बिजली की खपत पहले से कम होने के बावजूद बिल पहले की तुलना में अधिक जारी किया गया। इससे लोगों में बिलिंग प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुछ मामलों में बिजली कंपनी ने बिल संशोधित किए, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि भुगतान करने के बाद भी डिजिटल रिकॉर्ड में पुरानी बकाया राशि दिखाई देती रही। इससे उपभोक्ताओं की उलझन और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।
कोटा के गुलमोहर पार्क निवासी अजय सिंह ठाकुर के मुताबिक मई में 1784 यूनिट पर 14,980 रुपये का बिल मिला था। जून में खपत घटकर 1470 यूनिट रह गई, लेकिन बिल बढ़कर करीब 16 हजार रुपये पहुंच गया।
शंकरनगर की बीटीआई कॉलोनी निवासी नसीर अहमद ईराकी ने बताया कि अप्रैल में स्मार्ट मीटर लगने के बाद अप्रैल में 491 यूनिट, मई में 633 यूनिट और जून में अचानक 1177 यूनिट दर्ज कर 9530 रुपये का बिल भेज दिया गया। उन्होंने मीटर की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
मोवा निवासी मोहम्मद इस्माइल के अनुसार पहले 175 यूनिट पर 2030 रुपये का बिल जारी हुआ था। शिकायत के बाद बिल संशोधित होकर 430 रुपये कर दिया गया और भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद मोर बिजली ऐप में अब भी 1630 रुपये बकाया दिखाया जा रहा है।
टिकरापारा निवासी शिवलाल कुम्हार का कहना है कि घर में बिजली के सभी उपकरण पहले जैसे ही हैं। पहले जहां हर महीने 4 से 5 हजार रुपये का बिल आता था, वहीं जून में करीब 14,910 रुपये का बिल जारी हुआ। उनका कहना है कि या तो मीटर में तकनीकी गड़बड़ी है या फिर बिलिंग प्रक्रिया में त्रुटि हुई है।
बिजली कंपनी का कहना है कि सभी शिकायतों की अलग-अलग जांच कराई जा रही है। जहां भी किसी तरह की तकनीकी या बिलिंग संबंधी त्रुटि मिलेगी, वहां तत्काल सुधार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित मीटर की जांच भी कराई जाएगी।
राज्य की पावर कंपनियों के चेयरमैन सुबोध सिंह ने स्मार्ट मीटर, रीडिंग और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली गलतफहमियों को दूर करना भी विभाग की जिम्मेदारी है और बिल सुधार में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
नवा रायपुर के ग्राम चीचा निवासी रोमलाल डहरिया की शिकायत पर बिजली कंपनी ने जांच कराई। मुख्य अभियंता ए.के. लखेरा के अनुसार मई और जून 2026 के दौरान संबंधित उपभोक्ता की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में कम दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।