

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Singhania Buildcon RERA case
रायपुर: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने राजधानी के एक बड़े बिल्डर 'सिंघनिया बिल्डकॉन' के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अमलेश्वर स्थित 'हर्षित नियोज सिटी* में लंबे समय से चल रहे विवाद पर निर्णय लेते हुए रेरा ने बिल्डर को सिंकिंग फंड की पूरी रकम और कॉमन एरिया का प्रबंधन तत्काल सहकारी आवासीय सोसायटी को सौंपने का आदेश दिया है।
इस ऐतिहासिक फैसले से हर्षित नियोज सिटी के निवासियों और उनकी सहकारी समिति को वर्षों पुराने विवाद से बड़ी राहत मिली है।
क्या था पूरा मामला?
'हर्षित नियोज सिटी रेसिडेंशियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित' ने परियोजना के प्रमोटर मेसर्स सिंघनिया बिल्डकॉन प्रा. लि. के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। सोसायटी ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित गंभीर मुद्दे उठाए थे।
बिल्डर द्वारा परियोजना का मेंटेनेंस ठीक से नहीं किया जा रहा था।
साझा सुविधाओं के संचालन में अनियमितताएं बरती जा रही थीं।
फ्लैट मालिकों से ली गई सिंकिंग फंड की एक बड़ी रकम समिति को ट्रांसफर नहीं की जा रही थी।
कॉमन एरिया का मालिकाना हक और प्रबंधन भी सोसायटी के सुपुर्द नहीं किया गया था।
मामले में लगातार चली सुनवाई के बाद रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने फैसला सुनाया। प्रमोटर तत्काल फ्लैट मालिकों से ली गई सिंकिंग फंड की पूरी रकम सोसायटी के खाते में ट्रांसफर करे। इस फंड का उपयोग समिति दीर्घकालिक रखरखाव, मरम्मत और संरचनात्मक संरक्षण के लिए करेगी। रेरा अधिनियम के अनुसार, प्रोजेक्ट पूरा होते ही कॉमन एरिया का मालिकाना हक वहां की सोसायटी को सौंपना बिल्डर का वैधानिक दायित्व है। बिल्डर को इसे तुरंत पूरा करना होगा।
रेरा को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी बिल्डर वहां रहने वाले लोगों की समिति (सोसायटी) को कार्यभार नहीं सौंपते और बार-बार अपना अधिकार जताते हैं। मेंटेनेंस के नाम पर मिलने वाली हर महीने की बड़ी रकम को भी बिल्डर खुद रख लेते हैं और कई बार इसका उपयोग दूसरे प्रोजेक्ट्स में कर दिया जाता है। इसी नियम के आधार पर अब तक करीब 900 बिल्डरों को कॉलोनी वहां के लोगों को सौंपने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कॉलोनी का अधिकार स्थानीय लोगों को मिलने से रखरखाव बेहतर होता है और लोग अपनी पसंद के नियम लागू कर सकते हैं। रेरा के इस सख्त रुख से राज्य के अपार्टमेंट और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।