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Raids on sweet shops in Bhilai: 2,500 kg of sweets and 1,000 litres of milk destroyed
भिलाई। त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य विभाग ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की। दुर्ग जिले के भिलाई में मिठाई और डेयरी प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान एक्सपायरी दूध से पनीर बनाने, गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने जैसे मामले सामने आए। विभाग ने करीब 2500 किलो मिठाई और 1000 लीटर दूध नष्ट करने की कार्रवाई की है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने का काम भी बंद करा दिया गया।
इसके अलावा वैशाली नगर स्थित एक दुकान में बिस्किट के पैकेट पर वास्तविक तारीख से नौ दिन आगे की तारीख डालकर पैकिंग करने का मामला सामने आया है। विभाग ने दुकान संचालक के खिलाफ भ्रामक जानकारी देने के मामले में कार्रवाई शुरू की है।
एक्सपायरी दूध से बना रहे थे पनीर और दही
नंदनी रोड स्थित मां दुर्गा डेयरी की जांच के दौरान टीम को पनीर और दही गंदी जगह पर बनते मिले। पनीर तैयार करने के लिए एक्सपायरी डेट वाला पैक्ड दूध इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य विभाग की टीम ने पनीर, दूध और दही के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
इसके बाद नगर निगम की मदद से करीब 1000 लीटर दूध और 80 किलो दही नष्ट कराया गया। खाद्य पदार्थों को तैयार करने और रखने के तरीके में मिली गड़बड़ियों को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई की।
लड्डुओं में मिलावट की आशंका, 250 किलो लड्डू नष्ट
कैंप-2 स्थित गुप्ताजी लड्डू हाउस में जांच के दौरान करीब 250 किलो मैदे के लड्डू मिले। विभाग को इनमें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले खाद्य रंग और स्वीटनिंग एजेंट के इस्तेमाल की आशंका हुई।
अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने लड्डुओं को नष्ट करने की कार्रवाई की। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंग और अन्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
बिना लेबल वाले प्लास्टिक जार में पैक हो रही थीं मिठाइयां
बैकुंठधाम, कैंप-2 स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट्स में भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। यहां गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार करने और पैक करने का काम किया जा रहा था।
जांच के दौरान लड्डू, सोनपापड़ी, पेड़ा और बर्फी जैसी मिठाइयां बिना लेबल वाले प्लास्टिक के जार में पैक होती मिलीं। विभाग ने यहां करीब 200 किलो पेड़ा, 1020 किलो सोनपापड़ी और 70 किलो मसूर पाक समेत अन्य मिठाइयों को नष्ट करने की प्रक्रिया की।
खाद्य विभाग के मुताबिक, तीनों प्रतिष्ठानों में कार्रवाई के दौरान कुल करीब 2500 किलो मिठाई और 1000 लीटर दूध नष्ट कराया गया।
तीन प्रतिष्ठानों में काम बंद, लाइसेंस निलंबन की तैयारी
जांच के दौरान गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने का काम बंद करा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस एक सप्ताह के लिए निलंबित करने की सिफारिश भेजी जाएगी।
इस दौरान प्रतिष्ठानों को जरूरी सुधार करने होंगे। यदि तय मानकों के अनुरूप सुधार नहीं किए गए, तो लाइसेंस निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
बिस्किट के पैकेट पर 9 दिन आगे की तारीख
वैशाली नगर स्थित जलाराम नमकीन एंड डेयरी में औचक जांच के दौरान पैकेजिंग से जुड़ी गंभीर अनियमितता सामने आई। यहां बिस्किट के पैकेट पर 1 नवंबर 2026 की तारीख डालकर पैकिंग की जा रही थी, जबकि खाद्य विभाग की जांच 23 अक्टूबर 2026 को हुई थी।
इस तरह पैकेट पर जांच की तारीख से करीब नौ दिन आगे की तारीख अंकित की जा रही थी। विभाग ने इसे ग्राहकों को गुमराह करने का मामला मानते हुए दुकान संचालक के खिलाफ मिसलीडिंग यानी भ्रामक जानकारी देने से संबंधित केस तैयार किया है। मामले को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : दीपक अग्रवाल
खाद्य सुरक्षा विभाग के आयुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि विभाग की टीमें अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर जांच कर रही हैं। इसी क्रम में दुर्ग जिले में भी कार्रवाई की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों का निर्माण साफ-सुथरी जगह पर होना चाहिए। एक्सपायरी सामग्री का इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मिठाई और डेयरी उत्पाद खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी साफ-सफाई, पैकेजिंग, लेबल और तारीख की जांच करना महत्वपूर्ण है।