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Rain has altered the pace of life in cities and villages—children were stranded in school buses in some places, while swelling rivers raised concerns in others.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने दिल्ली-एनसीआर से लेकर छत्तीसगढ़ तक जनजीवन को प्रभावित किया है। गुरुग्राम में जलभराव के कारण स्कूल बसों और वाहनों के फंसने से परेशानी बढ़ी, जबकि दिल्ली में उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग की नदियों के उफान पर आने और कई गांवों का संपर्क टूटने से प्रशासन को अलर्ट मोड पर आना पड़ा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
गुरुग्राम में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सबसे गंभीर हालात सुभाष चौक पर दिखाई दिए, जहां पानी में फंसने के कारण नौ स्कूल बसों समेत करीब 15 वाहन खराब हो गए।स्कूलों की छुट्टी के बाद बसें सुभाष चौक पहुंचीं तो सड़क पर कई फीट पानी जमा था। बसों में बच्चे फंस गए, जिसके बाद अभिभावकों को मौके पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकालना पड़ा। शाम पांच बजे तक करीब 75 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।जलभराव के कारण सुभाष चौक, महावीर चौक, मेदांता रोड अंडरपास, राजीव चौक एनएमटी अंडरपास, सिग्नेचर टावर, इफको चौक और गोल्फ कोर्स रोड समेत कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। शहर में 50 से अधिक स्थानों पर लंबा जाम लगने की स्थिति बनी रही।
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मंगलवार के लिए सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉरपोरेट कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की। लोगों से भी गैरजरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है।
खराब मौसम का असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी पड़ा। दिल्ली आने वाली 14 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। इनमें दुबई, शारजाह, गोवा, रांची, इंफाल, चेन्नई, इंदौर, मुंबई, लेह, सिलिगुड़ी, बेंगलुरु, भुवनेश्वर और डिब्रूगढ़ से आने वाली उड़ानें शामिल थीं।दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में उड़ानों के समय पर असर पड़ा। कुछ उड़ानें रद्द हुईं और कुछ के मार्ग में बदलाव करना पड़ा। राजधानी के कई निचले इलाकों में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी।
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान बस्तर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। छोटे डोंगर में सबसे ज्यादा 180 मिमी वर्षा दर्ज की गई।लगातार बारिश के कारण मध्य बस्तर की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 8.30 मीटर को पार कर 8.80 मीटर तक पहुंच गया। पानी बढ़ने की रफ्तार करीब तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे बताई गई।नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किनारे बसे 29 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। आपदा प्रबंधन दलों को भी सतर्क कर दिया गया है। चित्रकोट जलप्रपात क्षेत्र में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को संवेदनशील हिस्सों से दूर रखा जा रहा है।
बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। 100 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है। तेलंगाना और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी आवागमन बाधित हुआ है।गंगालूर और कुटरू-बेंद्रे समेत कई मार्गों पर आवाजाही बंद हो गई है। अबूझमाड़ क्षेत्र के कई गांव भी मुख्य मार्गों से कट गए हैं। नारायणपुर और छोटे डोंगर क्षेत्र में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं रहने देने की सलाह दी है। धान की फसल में जरूरत के मुताबिक पानी रखने के बाद अतिरिक्त पानी निकालने की बात कही गई है। मूंग, उड़द, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से नुकसान हो सकता है।प्रदेश के कई बांधों में पर्याप्त पानी पहुंच चुका है। ऐसे में जिन इलाकों में जरूरत से ज्यादा पानी है, वहां निकासी पर ध्यान देना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर ओडिशा और उससे लगे पश्चिम बंगाल क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है।अगले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के कोरिया, मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी, सूरजपुर और बलरामपुर जैसे जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है। सरगुजा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और बिलासपुर में भी मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार और बंगाल में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और केरल समेत करीब 15 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, यात्रियों और नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाली आबादी को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।