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Rain wreaks havoc in Chhattisgarh; under-construction bridge collapses in Gariaband; several districts affected by floods and landslides.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल तेज बहाव के चलते भरभराकर गिर गया। यह पुल अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने वाला था। पुल ढहने से दोनों राज्यों के बीच संपर्क बाधित हो गया है।
भारी बारिश के कारण रायपुर के महादेव घाट में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बस्तर संभाग में नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले NH-130 पर बाकुलाही के पास पुलिया प्रभावित होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। वहीं दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आवाजाही बंद कर दी गई है।
बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के ऊपर बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से मौसम विभाग ने रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 31 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
सूरजपुर जिले के चपदा गांव में ढेकी नदी के तेज बहाव में 10 वर्षीय बच्चा बह गया। घटना के बाद से NDRF की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। एक ही परिवार के छह सदस्य चारों ओर से पानी से घिर गए थे। SDRF की टीम ने मोटरबोट की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कोंडागांव जिले के कोपाबेड़ा जलाशय के निर्माणाधीन सौंदर्यीकरण स्थल पर छह वर्षीय चांदनी नाग बारिश के पानी से भरे नाले में फिसलकर गिर गई। गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में बाढ़ का पानी भरने से एक परिवार करीब चार घंटे तक फंसा रहा। नगर सेना ने देर रात तीन छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार का सुरक्षित रेस्क्यू किया। हालांकि गौठान में मौजूद करीब 300 गायें अब भी पानी से घिरी हुई हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लाट नाले में 26 जुलाई को बह गए उप सरपंच और उनकी पत्नी का शव चार दिन बाद कार के अंदर मिला। दोनों उफनते नाले को पार करने की कोशिश में तेज बहाव में बह गए थे।
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के लिमहाटोला गांव में पेड़ के नीचे खड़े छह गाय, एक बैल और एक बछड़ा बिजली गिरने की चपेट में आ गए, जिससे सभी की मौत हो गई। घटना के समय मौजूद चरवाहा बाल-बाल बच गया।
गरियाबंद के सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं धमतरी के सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
रायपुर में मंगलवार रात से लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। देवपुरी से लालपुर स्थित फ्रूट मार्केट जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ और उत्तर आंतरिक ओडिशा के आसपास सक्रिय डीप डिप्रेशन के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश में पहुंच रही है। मानसून द्रोणिका भी इसी सिस्टम से होकर गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर जारी है। सिस्टम के पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है।
1 जून से 29 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में औसतन 477.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 544.6 मिमी होनी चाहिए थी। यानी पूरे प्रदेश में अब तक 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिसे IMD ने 'सामान्य' श्रेणी में रखा है।
इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा है। यहां अब तक 769.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है। वहीं 11 जिलों में अब भी सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।