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Raipur Municipal Corporation's MIC meeting approves 39 proposals; meeting delayed by four hours due to a dispute... decisions ranged from the property tax OTS scheme to water supply.
रायपुर। नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक तय समय से करीब चार घंटे देरी से शुरू हुई। बैठक दोपहर 1 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन महापौर और एमआईसी सदस्यों की अधिकारियों के साथ हुई तीखी बहस के कारण कार्यवाही शाम 5 बजे शुरू हो सकी। भाटागांव सब्जी बाजार में व्यापारियों पर कार्रवाई, संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन के नोटिस और यूजर चार्ज पर ब्याज वसूली जैसे मुद्दों को लेकर सदस्यों ने अधिकारियों से जवाब मांगा।विवाद शांत होने के बाद बैठक में शहर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े 39 प्रस्ताव रखे गए। इनमें संपत्ति कर बकायादारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना, अवैध नल कनेक्शनों का नियमितीकरण, नई पानी टंकियों और पाइपलाइन का विस्तार, दिव्यांग पार्क, एम्स के पास गेस्ट हाउस और स्ट्रीट फूड हब समेत कई प्रस्ताव शामिल रहे।
बैठक शुरू होने से पहले एमआईसी सदस्यों ने नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। महापौर मीनल चौबे ने भाटागांव सब्जी बाजार में व्यापारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि व्यापारियों की आपत्तियों को सुनने और समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बजाय बाजार खाली कराने की कार्रवाई की गई और एफआईआर भी दर्ज कराई गई।यूजर चार्ज पर ब्याज वसूली और संपत्ति के सेल्फ असेसमेंट को लेकर भी सदस्यों ने आपत्ति जताई। संबंधित अधिकारी के माफी मांगने के बाद विवाद शांत हुआ और इसके बाद एमआईसी की बैठक शुरू हो सकी।
बैठक में संपत्ति कर के बकायादारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत बकाया संपत्ति कर जमा करने पर सरचार्ज में 60 से 100 फीसदी तक छूट देने का प्रावधान प्रस्तावित है।नगर निगम क्षेत्र में करीब 3.5 लाख पंजीकृत संपत्तियां हैं, जिनमें लगभग एक लाख संपत्तियों पर कर बकाया बताया गया है। ओटीएस के जरिए लंबे समय से लंबित कर की वसूली करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम ने अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने का भी फैसला किया है। इसके लिए घरेलू कनेक्शन के लिए 20,882 रुपये और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 30,882 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पात्र कनेक्शनों को 90 दिन के भीतर नियमित करने का प्रस्ताव है।जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए नरगौधा क्षेत्र में 45 लाख लीटर क्षमता का जलागार बनाने और पाइपलाइन विस्तार का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। करीब 3.79 करोड़ रुपये की लागत से यह काम प्रस्तावित है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में नई पानी टंकियों और पाइपलाइन से जुड़े कार्यों को भी एजेंडे में शामिल किया गया।
एमआईसी बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सिद्धार्थ चौक, टिकरापारा में करीब 9.99 करोड़ रुपये की लागत से इनक्लूसिव दिव्यांग पार्क बनाने का प्रस्ताव है। इसमें बाधारहित आवागमन, थेरेपी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।महादेवघाट विसर्जन कुंड के पास करीब 1.98 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट फूड हब विकसित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। इससे क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से स्ट्रीट फूड कारोबार को जगह देने की योजना है।
मोवा स्थित करीब 50 हजार वर्गफीट के गारमेंट शेड को पीपीपी मॉडल पर देने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसे 30 साल की लीज पर देने की योजना है। परियोजना में निवेश के साथ करीब 500 रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।अवंति विहार स्थित शीतला तालाब का अमृत मिशन 2.0 के तहत करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए रियायती दर पर ठहरने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके लिए गेस्ट हाउस बनाया जाएगा और संचालन के लिए गैर-लाभकारी संस्था का चयन EOI के जरिए किया जाएगा।इसके अलावा 15वें वित्त आयोग के तहत वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 25.38 करोड़ रुपये के एक्शन प्लान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 268 प्रकरणों, जल संयंत्रों के संचालन और रखरखाव तथा शहर में नए विद्युत पोल और एलईडी लाइट लगाने से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
एमआईसी ने कलेक्ट्रेट चौक का नाम भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक करने का निर्णय लिया। इसके अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। खो-खो पारा स्थित पंकज उद्यान का नाम स्वर्गीय पंकज शर्मा के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में हुई देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने एमआईसी और अधिकारियों के बीच समन्वय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच तालमेल की कमी का असर नगर निगम के कामकाज पर पड़ रहा है। बैठक में भाटागांव बाजार, संपत्ति कर, सफाई, अवैध निर्माण, कब्जे और जलापूर्ति जैसे कई जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन शुरुआत में अधिकारियों और एमआईसी सदस्यों के बीच विवाद के कारण कार्यवाही अटक गई।