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Ram Mandir donation theft case: New revelation in investigation—accused claimed to possess a key to 54 donation boxes.
अयोध्या। राम मंदिर में चढावे की कथित चोरी की जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर के सभी 54 दानपात्रों में इस्तेमाल होने वाली दो चाबियों में से एक चाबी आरोपी टिनू यादव के पास रहती थी। इस खुलासे के बाद दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रक्रिया पर कई सवाल खडे हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर करीब 12 बजे दानपात्र खोले जाते थे। ट्रस्ट की ओर से नियुक्त गणना प्रभारी शुभम श्रीवास्तव आरोपी टिनू यादव को फोन कर बुलाते थे। इसके बाद टिनू यादव या उसका रिश्तेदार बलराम यादव चाबी लेकर मौके पर पहुंचता था। कई बार टिनू यादव स्वयं भी चाबी लेकर आता था।
जानकारी के मुताबिक, दूसरी चाबी एसबीआई के अधिकृत अधिकारी के पास रहती थी। दोनों चाबियां एक साथ लगने के बाद ही दानपात्र खोले जाते थे। दानपात्रों से निकाली गई नकदी को लोहे के छह बक्सों में रखा जाता था, जिन पर ट्रस्ट और बैंक के अलग-अलग ताले लगाए जाते थे।
मामले के बीच ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की गाडी पर लगे वीआईपी पास को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि गाडी पर अब भी ट्रस्ट सहयोगी का पास लगा है, जबकि उस पर लगी तस्वीर किसी दूसरे व्यक्ति की बताई जा रही है। यह पास येलो जोन में प्रवेश के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने एसएसपी को पत्र सौंपकर विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी पास से जुडे सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।