

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Ram Mandir offering embezzlement case: Supreme Court refuses immediate hearing, asks—'Why such haste?'
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मामले की CBI के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की अपील करते हुए याचिकाकर्ता ने आरोपों को गंभीर बताया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अवकाश समाप्त होने के बाद याचिका को सूचीबद्ध किया जाएगा।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने जल्द सुनवाई की मांग की। याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार की कार्रवाई से संदेह पैदा हो रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI के नेतृत्व में SIT गठित की जानी चाहिए। इस पर न्यायमूर्ति सुंदरश ने पूछा, "इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्या है?" इसके बाद अदालत ने कहा कि न्यायालय दोबारा खुलने के बाद मामले पर सुनवाई की जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई, जब समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7.5 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया। इसके बाद 8 जून को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की।
9 जून को भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग की। उसी दिन राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक कर चढ़ावे की राशि, उसकी गिनती और लेखा-जोखा की समीक्षा की।
10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से इस मामले पर रिपोर्ट तलब की। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। 11 जून को मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान भी सामने आया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई। ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया है।
FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं।
चढ़ावा गबन विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया है। मामले के सामने आने के बाद दोनों पदाधिकारियों पर लगातार दबाव बना हुआ था और उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी।