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Ram Mandir offering theft case: Assets disproportionate to income to be attached; investigation extends to the entire system.
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे दान प्रबंधन तंत्र की कार्यप्रणाली की पड़ताल शुरू हो गई है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि गिरफ्तार आठों आरोपियों की आय से अधिक अर्जित संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत अटैच किया जाएगा। साथ ही उनके बैंक खातों को फ्रीज करने और मामले में अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आरोपियों के विभिन्न निवेश, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, आभूषण और नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। अब बैंक खातों का विस्तृत ब्योरा जुटाया जा रहा है, ताकि संदिग्ध लेन-देन की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
मंगलवार को विवेचक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने मंडल कारागार पहुंचकर मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ल से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उससे कथित रूप से चढ़ावे की राशि के उपयोग, धन कहां-कहां लगाया गया और बरामदगी में किन लोगों की भूमिका रही, जैसे कई अहम सवाल पूछे गए। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को विशेष न्यायाधीश की अदालत ने 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस विभिन्न बैंकों से वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड भी एकत्र कर रही है।
प्रारंभिक जांच में दान प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन में कई गंभीर खामियों के संकेत मिले हैं। दानपात्रों की सुरक्षा, नकदी गणना, सीसीटीवी फुटेज के संरक्षण और चाबियों के रखरखाव जैसी व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित अनियमितताओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को कब मिली और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार, दानपात्रों में जमा नकदी कम होने की आशंका पिछले वर्ष अप्रैल-मई के दौरान ही सामने आई थी। बताया जा रहा है कि इसकी जानकारी ट्रस्ट के एक पदाधिकारी को भी दी गई थी और प्रारंभिक स्तर पर जांच कराई गई थी, लेकिन उस समय आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में कुछ सीसीटीवी फुटेज हटाए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज कर दानपात्रों की गणना, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित जानकारी ली है। साथ ही रुदौली स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए हैं।
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।