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Ram Mandir offering theft case: Mass resignation of 23 employees sparks a stir; SBI questions former staff members.
अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले सभी 23 कर्मचारियों द्वारा सामूहिक इस्तीफे का ऐलान किए जाने के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मंदिर सूत्रों के अनुसार, अब तक यही 23 कर्मचारी नियमित रूप से श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती करते थे।
सूत्रों के मुताबिक, सामूहिक इस्तीफे की घोषणा के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सभी कर्मचारियों को बैंक बुलाया। हालांकि, 23 में से केवल 15 कर्मचारी ही पहुंचे। सभी पूर्व कर्मचारियों को एक साथ खड़ा कर यह पूछा गया कि मंदिर के अंदर की गोपनीय जानकारी बाहर और मीडिया तक कैसे पहुंची। उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में मंदिर से जुड़ी कोई भी आंतरिक जानकारी सार्वजनिक हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
शुक्रवार और शनिवार को चढ़ावे की गिनती का काम केवल 12 कर्मचारियों ने संभाला। कर्मचारियों की संख्या कम होने के बावजूद व्यवस्था को जारी रखा गया, लेकिन इस घटनाक्रम ने मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना मंदिर के लिए "कलंक" है। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े सभी लोग स्वयं को छोटा महसूस कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
जांच एजेंसियों ने आरोपी टिन्नू यादव से जुड़ी 12 संपत्तियों की पहचान कर ली है। अधिकारियों को आशंका है कि इनमें से कुछ संपत्तियां मंदिर के चढ़ावे से चोरी की गई रकम से खरीदी या बनाई गई हो सकती हैं। इसी आधार पर पुलिस अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।
जांच के दौरान टिन्नू यादव गैंग से अब तक करीब 85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। एजेंसियां मामले की आर्थिक जांच भी कर रही हैं ताकि चोरी की पूरी रकम और उससे खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाया जा सके।