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Relief for Champat Rai and Anil Mishra in Ram Mandir offering theft case; clean chit in SIT report.
नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढावे की चोरी से जुडे मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अपनी पहली रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं होने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एसआईटी ने दोनों को मामले में क्लीन चिट दी है।मामले को लेकर सामने आई जानकारी के बाद मंदिर ट्रस्ट से जुडे पदाधिकारियों को लेकर उठ रहे सवालों पर भी विराम लगने की स्थिति बनी है। जांच रिपोर्ट में किन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और आगे की कार्रवाई किस दिशा में होगी, इस पर भी नजर बनी हुई है।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को राम मंदिर में चढावा चोरी के मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई थी।एफआईआर में अज्ञात लोगों के साथ कई व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अभिषेक गुप्ता, अवधेश मिश्रा, लल्कूश मिश्रा, मनोज कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए थे।
मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 27 जून को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चढावे से जुडी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे।अब एसआईटी की रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं होने की जानकारी सामने आने से मामले ने नया मोड ले लिया है। हालांकि जांच से जुडे अन्य आरोपियों और घटनाक्रम की भूमिका पर कार्रवाई की स्थिति अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
अयोध्या के महापौर गिरिश पति त्रिपाठी ने कहा कि एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच से चढावे की चोरी से जुडे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।त्रिपाठी के अनुसार एसआईटी के गठन की सिफारिश भी ट्रस्ट की ओर से की गई थी। ऐसे में जांच रिपोर्ट सामने आने को मामले की दिशा स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राम मंदिर चढावा चोरी मामले में एसआईटी की पहली रिपोर्ट सामने आने के बाद अब जांच के अगले चरण और अन्य आरोपियों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित हो गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है और किन आरोपों की पुष्टि होती है, यह जांच की अगली प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर सामने आई एसआईटी रिपोर्ट ने मामले में चल रही चर्चाओं को नया मोड दे दिया है।