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School Education Department Chhattisgarh transfers
रायपुर: स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों और पदोन्नति को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। एक तरफ जहां स्थानांतरण पर रोक के बावजूद समन्वय के माध्यम से धड़ल्ले से शिक्षकों के तबादले किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया सिर्फ आदेश और पत्राचार तक ही सीमित नजर आ रही है। इससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने उठाया कड़ा मुद्दा
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी, रोहित साहू, प्रकाश साहू और उमाशंकर वर्मा ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि एक तरफ स्थानांतरण पर रोक के बावजूद समन्वय के जरिए सैकड़ों शिक्षकों के तबादले किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पदोन्नति जैसी नियमित और लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को पूरा करने के बजाय केवल पत्राचार किया जा रहा है।
संघ के पदाधिकारियों का तर्क है कि जब विभागीय स्तर पर स्थानांतरण के लिए प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है, तो फिर पदोन्नति के लिए बार-बार आदेश जारी करने और पत्राचार की स्थिति क्यों बनी हुई है?
संचालनालय के निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर काम सुस्त
लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर 15 मई 2026 को सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया था।
इस निर्देश में 30 जून तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब पदोन्नति नहीं हुई, तो संचालनालय ने 30 जून को दोबारा आदेश जारी कर संभाग और जिला स्तर पर 15 अगस्त तक सभी शैक्षणिक, लिपकीय और प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करने को कहा।
इन तमाम कड़े निर्देशों के बावजूद अब तक कई स्तरों पर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। वरिष्ठता सूची तक जारी न होने के कारण पूरी प्रक्रिया बीच में ही अटकी हुई है, जिसके चलते विभागीय निर्देशों के पालन और जमीनी स्तर पर हो रही वास्तविक कार्रवाई के बीच बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है।
रायपुर संभाग में स्थिति और भी गंभीर, 7-8 वर्षों से इंतजार
पदोन्नति के मामले में रायपुर संभाग की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। यहाँ कई शिक्षकों को पदोन्नति के लिए सात से आठ वर्षों लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
लंबे समय से पदोन्नति न मिलने के कारण वरिष्ठता के आधार पर आगे बढ़ने वाले शिक्षकों का करियर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
विभाग द्वारा लगातार नई समय सीमा तय किए जाने के बावजूद जब जमीनी स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो शिक्षकों का असंतोष और अधिक बढ़ जाता है।
विभाग ने बुलाई समीक्षा बैठक
इस पूरे घटनाक्रम और बढ़ते असंतोष के बीच, स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 अगस्त को सभी संभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक के दौरान पदोन्नति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। अब देखना यह होगा कि इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और लंबित प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।