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Senior DME and middleman sent to jail for 14 days.
साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे यानि एसईसीआर भिलाई के पीपी यार्ड में पदस्थ सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर अनमोल उईके और बिचौलिए दीपक वर्मा को चार दिन की सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में 31 अगस्त तक जेल भेज दिया है।
आपको बता दें कि रिश्वतखोरी के एक मामले में ठेकेदार ने आरोप लगाया था, कि सीनियर डीएमई अनमोल उईके नए ठेके दिलाने और पुराने पेंडिंग बिल पास करने के एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद यह सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ। इसके बाद ठेकेदार ने मामले की शिकायत सीबीआई से की। सीबीआई की टीम ने 13 अगस्त को शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा देकर अफसर के पास भेजा। अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए दीपक वर्मा ने जैसे ही रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 50 हजार रुपए लिए, टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 14 अगस्त को सीबीआई द्वारा उन्हें कोर्ट में पेश किया था, जिसपर कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी दी थी।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने अधिकारी के भिलाई स्थित पीपी यार्ड कार्यालय के साथ-साथ रायपुर और राजनांदगांव के ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी अभियान में सीबीआई को कुल 91 लाख की अघोषित संपत्ति मिली है, जिसमें 77 लाख नकद और 14 लाख रुपए के आभूषण शामिल हैं। मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।