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Latest News: Serious allegations against NGO director in Nagpur, case of pressure to convert and harassment comes to light
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर के मानकापुर इलाके में संचालित एक एनजीओ से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। “यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी” के डायरेक्टर रियाज फाजिल काजी पर महिला कर्मचारियों ने छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
चार महिला कर्मचारियों ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के अनुसार, चार महिला कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ अपनी आपबीती बताई। पुलिस निरीक्षक हरेश कालसेकर ने बताया कि शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर उसी दिन आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
छेड़छाड़ का पुराना आरोप भी आया सामने
एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके जन्मदिन के दिन, लगभग 2-3 साल पहले, उसके साथ छेड़छाड़ की थी। डर और दबाव के कारण वह उस समय सामने नहीं आ सकी। लेकिन जब अन्य महिलाएं भी आगे आईं, तो उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई।
धार्मिक दबाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप
अन्य महिलाओं का कहना है कि आरोपी उन्हें जबरन धार्मिक बातें सुनने और कुछ रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करता था। उनकी इच्छा के खिलाफ इस तरह का दबाव बनाया जाता था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। इसे उन्होंने अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।
नौकरी छोड़ने के बाद बढ़ा विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि एक महिला कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के बाद आरोपी ने उसकी मां को फोन कर अन्य महिला कर्मचारियों के चरित्र पर सवाल उठाए। इस घटना के बाद सभी पीड़िताएं एकजुट हुईं और सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल चार पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है, लेकिन जांच अधिकारियों का मानना है कि आगे और भी महिलाएं सामने आ सकती हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है।
एनजीओ की साख पर पड़ा असर
बताया जा रहा है कि यह एनजीओ गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए काम करता है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से संस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ा है।
नासिक मामले से तुलना
इस घटना की तुलना हाल ही में सामने आए नासिक के एक कॉर्पोरेट मामले से की जा रही है, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। दोनों मामलों ने कार्यस्थल की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।