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Setback for Bhupesh Baghel in Patan election dispute; Supreme Court dismisses petition
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने भूपेश बघेल की नई याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से उनकी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, भाजपा नेता विजय बघेल ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल की जीत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि भूपेश बघेल ने मतदान से पहले लागू 48 घंटे की मौन अवधि (साइलेंस पीरियड) के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था।
इस मामले में भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें चुनाव याचिका की स्वीकार्यता से जुड़े प्रारंभिक मुद्दे पर फैसला करने से इनकार कर दिया गया था।
मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति बी. मोहना की पीठ ने की। भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रारंभिक मुद्दे पर विचार नहीं कर गलती की है। उनका तर्क था कि चुनाव याचिका कथित तौर पर निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा के बाद दायर की गई थी।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव विवादों का निपटारा एक निश्चित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। इस तरह की याचिकाओं में केवल सुनवाई में देरी होती है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा मामला अब आगे बढ़ेगा। यानी 2023 में भूपेश बघेल की जीत को चुनौती देने वाली विजय बघेल की चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी।