

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Setback for Bhupesh Baghel in the Patan election case; Supreme Court dismisses SLP seeking to quash the election petition filed in the High Court.
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे भूपेश बघेल को वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। इसके बाद अब पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में ही सुनवाई जारी रहेगी।
मामले में भाजपा नेता और पाटन विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर से आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल निर्वाचित हुए थे। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।
याचिका में चुनाव प्रचार के दौरान कथित नियम उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता पक्ष का दावा है कि प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद भी चुनाव संबंधी गतिविधियां जारी रहीं और निषेध अवधि के दौरान निर्धारित चुनावी नियमों का पालन नहीं किया गया। इन्हीं आधारों पर विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है।
भूपेश बघेल की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी। उनके अधिवक्ताओं ने याचिका को आधारहीन बताते हुए इसे निरस्त करने का तर्क रखा था।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और मामले की सुनवाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश को भूपेश बघेल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया। इसके साथ ही चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में चल रही न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है।
इस आदेश के बाद अब मामले की सुनवाई बिलासपुर हाईकोर्ट में ही होगी और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क तथा साक्ष्य अदालत के सामने रखेंगे।
मामले में अब 5 अक्टूबर से आगे की कार्रवाई प्रस्तावित है। इस दौरान चुनाव याचिका से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से दस्तावेज और अन्य प्रमाण प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपनी दलीलें रखेंगे।
विजय बघेल ने अपनी चुनाव याचिका में वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी अदालत को करना है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किए जाने वाले साक्ष्य, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले में आगे निर्णय लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP खारिज किए जाने के बावजूद पाटन चुनाव मामले में अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की सुनवाई आगे बढ़ेगी।