

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Signs of monsoon withdrawal in Chhattisgarh; rainfall 5.6% above normal; these districts still facing a rainfall deficit.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ने के संकेत दे रहा है। इसके असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
एक जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में हुई है। यहां 1551.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है।
इसके अलावा नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर में भी इस मानसून सीजन बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर है। रायपुर में अब तक 1303.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक है।
वहीं गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी अधिक बारिश हुई है। महासमुंद में सामान्य से 24.7 फीसदी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 35 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
दुर्ग जिले में अब तक 963.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 17.6 फीसदी अधिक है।
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून के दौरान अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा बीजापुर में 19.1 फीसदी, सुकमा और बेमेतरा में 17.3 फीसदी, जबकि कांकेर में सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 20.3% कम
बीजापुर: 19.1% कम
सुकमा: 17.3% कम
बेमेतरा: 17.3% कम
कांकेर: 16.9% कम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन कमजोर हो रहा है। इसके चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में आने वाले दिनों में कमी आने की संभावना है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होने और इसकी वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।