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Sir, a re-check will be conducted for names missing from the voter lists in the 20 states where the process has already been completed.
मतदाता सूची विशेष गहन जांच पुनरीक्षण यानि एसआइआर के मुद्दे पर विवाद के बीच चुनाव आयोग एक बार फिर से उन मतदाताओं के नामों की उनके घर जाकर जांच करेगा, जिनके नाम अंतिम सूची से हट गए हैं। उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित देश के ऐसे सभी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे मतदाताओं की खोजबीन और नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। अभी तक एसआइआर प्रकिया के तहत मतदाता सूची से बाहर हुए नामों में 2 करोड़ 80 लाख लोग मृत पाए गए हैं, जबकि 6 करोड़ 30 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और एक करोड़ लोग डुप्लीकेट पाए गए हैं।
आपको बता दें, कि इस अभियान के तहत बीएलओ यानि बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर इसकी पड़ताल करेंगे और मतदाता पंजीयन अधिकारी यानि ईआरओ को इसकी रिपोर्ट देंगे। मतदाता पंजीयन अधिकारी नाम जोड़ने पर अंतिम निर्णय लेंगे। आयोग ने राज्यों को यह निर्देश दिया है, कि इस काम को महीने भर में पूरा कर लिया जाए। प्रत्येक बीएलओ को एक सप्ताह में कम-से-कम 20 से 25 मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। इससे पहले आयोग ने सभी बीएलओ को एसआइआर से पहले और एसआइआर के बाद की अंतिम मतदाता सूची में हट गए या हटा दिए गए नामों की सूची बनाने का निर्देश दिया था। इस सूची के आधार पर छूट गए या हटाए गए नामों की घर-घर जाकर फिर से पड़ताल की जाएगी।
यदि किसी का नाम गलती से छूट गया है, तो उसका नए सिरे से फॉर्म-6 भराया जाएगा और उसकी सूची राजनीतिक दलों से जुड़े बूथ लेवल एजेंट यानि बीएलए के साथ साझा की जाएगी। किसी नाम को लेकर अगर आपत्ति होगी, तो उसको तुरंत दूर कर लिया जाएगा।