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Six-month bridge course launched for B.Ed. teachers working in primary schools... they can complete their studies from home while continuing their jobs.
नई दिल्ली। देश के प्राथमिक स्कूलों में बीएड की डिग्री के आधार पर पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए केंद्र सरकार ने छह महीने का विशेष ब्रिज कोर्स शुरू किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुरुवार को कोर्स की शुरुआत के साथ इसका पोर्टल भी लॉन्च किया। यह कोर्स शिक्षक नौकरी करते हुए पूरा कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें घर से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।इस पहल का लाभ उन शिक्षकों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच प्राथमिक स्कूलों में हुई है और जिनके पास प्राथमिक स्तर पर अध्यापन के लिए डीएलएड की योग्यता नहीं थी।
ब्रिज कोर्स के लिए पंजीयन शुरू होते ही देश के अलग-अलग राज्यों से 76 हजार से अधिक शिक्षकों ने अपना पंजीकरण कराया। इनमें सबसे ज्यादा 35 हजार से अधिक शिक्षक उत्तर प्रदेश से हैं। मध्य प्रदेश के 11,373 और पश्चिम बंगाल के 6,948 शिक्षकों ने भी पंजीयन कराया है। उत्तराखंड से 826 शिक्षक अब तक पंजीकरण करा चुके हैं।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई ने यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आठ अप्रैल 2024 के 'देवेश शर्मा बनाम भारत संघ एवं अन्य' मामले में दिए गए निर्देश के बाद तैयार की है। अदालत ने प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए विशेष ब्रिज कोर्स तैयार करने को कहा था।एनसीटीई ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान यानी एनआईओएस के सहयोग से यह पाठ्यक्रम शुरू किया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसका संचालन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा, जिससे शिक्षक अपनी नौकरी जारी रखते हुए कोर्स पूरा कर सकेंगे।
ब्रिज कोर्स के दौरान शिक्षकों को स्कूल में शिक्षण से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण भी लेना होगा। इसके तहत 10 दिन का ऑनलाइन और 20 दिन का प्रायोगिक शिक्षण शामिल किया गया है।कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से होगी। हालांकि परीक्षा देने के लिए शिक्षकों को 22 भारतीय भाषाओं में से किसी एक भाषा का विकल्प दिया जाएगा।
एनसीटीई के इस विशेष पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बीएड योग्यता के आधार पर कार्यरत उन शिक्षकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण की व्यवस्था करना है, जिनके पास डीएलएड की निर्धारित योग्यता नहीं थी। मंत्रालय के अनुसार, ब्रिज कोर्स पूरा करने की व्यवस्था ऐसे शिक्षकों की सेवा को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।