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Sluggish pace proves costly for ₹69-crore railway overbridge project
रायपुर। बस्तर में निर्माणाधीन केशलूर रेलवे ओवरब्रिज परियोजना की धीमी प्रगति पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। करीब 69.36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में अपेक्षित गति नहीं मिलने पर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री अरुण साव के औचक निरीक्षण के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई थी।
निरीक्षण में सामने आई लापरवाही, अधिकारियों से भी मांगा जवाब
6 जून को हुए निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव ने मौके पर पहुंचकर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण में काम निर्धारित गति से काफी पीछे पाया गया, जिसके बाद उन्होंने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ विभागीय अधिकारियों से भी जवाब तलब किया।निरीक्षण के दौरान परियोजना की वास्तविक स्थिति देखकर उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पर्याप्त मजदूर और मशीनें नहीं लगाने का आरोप
लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि परियोजना स्थल निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह उपलब्ध कराया जा चुका था। इसके बावजूद ठेकेदार ने पर्याप्त संख्या में मजदूर, मशीनरी और निर्माण सामग्री की व्यवस्था नहीं की।विभाग का मानना है कि संसाधनों की कमी के कारण काम की गति प्रभावित हुई और परियोजना तय समयसीमा के भीतर आगे नहीं बढ़ पाई।
समय पर पूरा नहीं हो सका काम, बढ़ी चिंता
केशलूर रेलवे ओवरब्रिज क्षेत्र की महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और रेलवे फाटक पर लगने वाली जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति ने परियोजना के समय पर पूरा होने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद हुआ एक्शन
सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता कार्यालय ने तत्काल नोटिस जारी किया। निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने और आवश्यक संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग अब परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने की तैयारी कर रहा है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
सरकार का संदेश साफ, विकास कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
राज्य सरकार लगातार अधोसंरचना परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है। ऐसे में केशलूर रेलवे ओवरब्रिज जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में देरी को गंभीरता से लिया जा रहा है।अब देखना होगा कि नोटिस के बाद निर्माण एजेंसी कितनी तेजी से संसाधन बढ़ाती है और परियोजना को निर्धारित समयसीमा के करीब ला पाती है या नहीं।