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Stir over UCC in Chhattisgarh... Bill likely to be tabled during the winter session.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। शुक्रवार को मंत्रालय में यूसीसी समिति की पहली औपचारिक बैठक आयोजित हुई, जिसमें समिति के सदस्यों ने कानून के संभावित प्रावधानों को लेकर चर्चा शुरू की।बैठक के पहले चरण में समिति ने उन विषयों और प्रावधानों की सूची तैयार करनी शुरू की, जिन्हें यूसीसी के दायरे में शामिल किया जा सकता है। समिति राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दिसंबर में प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करने की तैयारी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। सरकार का उद्देश्य राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का प्रारूप तैयार करना है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले महीने यूसीसी के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह को शामिल किया गया है।समिति सामाजिक परंपराओं, कानूनी पहलुओं और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन कर सरकार को सुझाव देगी।
15 अप्रैल 2026: राज्य कैबिनेट ने यूसीसी की दिशा में पहल को मंजूरी दी।
26 जून 2026: समिति गठन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ।
24 जुलाई 2026: समिति की पहली बैठक के साथ ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
स्वतंत्र भारत में अब तक उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ भी अब इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।सरकार का कहना है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यूसीसी के अंतिम प्रारूप और इसके लागू करने की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।