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CG News: Strict action on Census 2026, ban on transfer of employees, government issues clear instructions
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना कार्य को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जनगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह कदम पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केवल विशेष परिस्थिति में ही मिलेगा ट्रांसफर, सीएम की मंजूरी होगी जरूरी
जारी आदेश के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का तबादला नहीं किया जाएगा। यदि किसी अत्यावश्यक स्थिति में स्थानांतरण जरूरी हो, तो इसके लिए मुख्यमंत्री की अनुमति अनिवार्य होगी। यह निर्देश सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों तक पहुंचा दिया गया है।
दो चरणों में होगा जनगणना कार्य, अप्रैल 2026 से शुरू हुई प्रक्रिया
सरकार ने जनगणना को दो मुख्य चरणों में बांटा है। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का है, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में पूरा किया जाएगा। इस पूरे अभियान को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्थिरता जरूरी मानी गई है।
केंद्र के निर्देशों का पालन, जिला स्तर तक कर्मचारियों को स्थिर रखने पर जोर
राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों का स्थानांतरण जनगणना पूर्ण होने तक टाला जाए। इससे फील्ड स्तर पर काम करने वाली टीमों में निरंतरता बनी रहेगी।
डिजिटल स्व-गणना अंतिम चरण में, अब घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी
प्रदेश में 16 अप्रैल से डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया चल रही है, जो अब अपने अंतिम चरण में है। इसके बाद 30 अप्रैल से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू होगा, जो 30 मई तक जारी रहेगा। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
अवकाश नियम भी सख्त, बिना अनुमति छुट्टी पर जाना होगा भारी
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के दौरान बिना अनुमति अवकाश लेना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। किसी भी कर्मचारी को पहले सक्षम अधिकारी से छुट्टी स्वीकृत करानी होगी, अन्यथा इसे सेवा में व्यवधान के रूप में दर्ज किया जा सकता है।
62 हजार से ज्यादा कर्मचारी मैदान में, हजारों गांवों तक पहुंचेगा अभियान
इस विशाल अभियान के लिए राज्यभर में करीब 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और लगभग 20 हजार गांवों में सर्वे का काम किया जाएगा। इसके लिए 49 हजार से ज्यादा ब्लॉक बनाए गए हैं, ताकि हर क्षेत्र तक सटीक जानकारी पहुंच सके।