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Chhattisgarh: Strictness on fees of private schools in Chhattisgarh, report sought by tomorrow 17th April
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने फीस विनियमन अधिनियम के उल्लंघन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी संभागीय संयुक्त संचालकों से 17 अप्रैल 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
नियमों के पालन में बड़ी लापरवाही सामने आई
विभाग को मिल रही शिकायतों में पाया गया है कि कई निजी स्कूल फीस निर्धारण के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कहीं फीस विनियमन समिति का गठन ही नहीं हुआ, तो कहीं समितियों की बैठकें नियमित नहीं हो रहीं। इस स्थिति को देखते हुए अब सरकार ने पूरे तंत्र की निगरानी तेज कर दी है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अभिभावकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
फीस नियंत्रण के लिए लागू है कानून
राज्य में निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 लागू है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन को अभिभावकों की भागीदारी से फीस तय करनी होती है और बिना अनुमति मनमानी बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। उल्लंघन की स्थिति में जुर्माने का प्रावधान भी है।
डीईओ को भी सौंपी गई जिम्मेदारी
इस पूरी प्रक्रिया में जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को भी जिम्मेदारी दी गई है। संचालनालय ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों से जानकारी एकत्र कर समयसीमा के भीतर रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।