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Supreme Court steps in on IAS-IPS dispute; solution to be found through mediation.
नई दिल्ली। कर्नाटक की दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों, आईएएस रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस डी रूपा मौदगिल के बीच लंबे समय से चल रहे मानहानि विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का रास्ता अपनाया है। अदालत ने मामले को आपसी बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश के तहत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया है।
"एक-दूसरे का करियर तबाह कर रही हैं" : सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने सुनवाई के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच जारी कानूनी लड़ाई पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि यह विवाद दोनों अफसरों के करियर को नुकसान पहुंचा रहा है और इसे अदालतों में लंबा खींचने के बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों अधिकारी एक-दूसरे का करियर बर्बाद कर रही हैं, जबकि उनके अनुभव और पद की गरिमा को देखते हुए मामले का शांतिपूर्ण समाधान बेहतर होगा।
मध्यस्थता पूरी होने तक कानूनी कार्यवाही पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया है कि मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित मामलों में चल रही अदालती कार्यवाही पर रोक रहेगी। अब दोनों अधिकारियों को जस्टिस कुरियन जोसेफ के समक्ष उपस्थित होकर बातचीत के जरिए समाधान तलाशना होगा।
अदालत ने उम्मीद जताई है कि पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में यह विवाद सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त हो सकेगा।
सोशल मीडिया आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुआ था विवाद
यह विवाद वर्ष 2023 में उस समय शुरू हुआ था, जब रोहिणी सिंधुरी और डी रूपा मौदगिल ने सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। दोनों अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ता गया और मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।
बाद में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मुकदमे दर्ज कराए। रोहिणी सिंधुरी ने डी रूपा द्वारा दायर मामले को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
कर्नाटक हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद रोहिणी सिंधुरी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। अब सर्वोच्च अदालत ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजते हुए दोनों अधिकारियों को विवाद खत्म करने का अवसर दिया है।