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The admission process will begin after the CUET UG results, paving the way for admissions to 243 institutions across the country.
नई दिल्ली। समान विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी-यूजी) 2026 का परिणाम जून के अंतिम सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद देशभर के केंद्रीय, राज्य, निजी तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इस वर्ष 243 शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर परामर्श प्रक्रिया संचालित करेंगे।दिल्ली विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय तथा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख संस्थानों में प्रवेश सीयूईटी अंकों के आधार पर दिया जाएगा। इन संस्थानों में लगभग दो लाख स्नातक सीटें उपलब्ध हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने अभी प्रवेश पंजीयन प्रारंभ नहीं किया है। इन संस्थानों में परिणाम घोषित होने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। विद्यार्थियों को संबंधित विश्वविद्यालयों के प्रवेश पोर्टल पर अलग से पंजीयन कराना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय – 71,600 से अधिक सीटें
काशी हिंदू विश्वविद्यालय – 8,000 से अधिक सीटें
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय – 75,000 से अधिक सीटें
गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय – 43,000 से अधिक सीटें
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय – 700 से अधिक सीटें
प्रवेश प्रक्रिया के 5 महत्वपूर्ण चरण
विद्यार्थियों को सबसे पहले संबंधित विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर अपना पंजीयन करना होगा। इसके साथ निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान भी करना होगा।
दसवीं और बारहवीं की अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
विद्यार्थी अपनी पसंद के महाविद्यालय और पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता क्रम में चुनेंगे। सबसे अधिक पसंदीदा विकल्प को सूची में सबसे ऊपर रखना लाभदायक माना जाता है।
अंकों तथा वरीयता के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी। यदि आवंटित सीट पसंद हो तो उसे स्थिर (फ्रीज) किया जा सकता है। बेहतर विकल्प की उम्मीद होने पर विद्यार्थी प्रतीक्षा विकल्प (फ्लोट या स्लाइड) चुन सकते हैं।
सीट सुनिश्चित होने के बाद निर्धारित समय सीमा में संस्थान पहुंचकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और शेष प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए सीएसएएस मंच का उपयोग किया जाएगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संयुक्त आवंटन कार्यक्रम के माध्यम से प्रवेश होगा। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय केंद्रीकृत परामर्श प्रणाली के जरिए प्रवेश देगा। वहीं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में प्राविधिक पाठ्यक्रमों के लिए अलग परामर्श प्रक्रिया संचालित होगी। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाओं सहित विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अलग प्रवेश मंच उपलब्ध रहेगा।
इस वर्ष सीयूईटी के माध्यम से 49 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 40 राज्य विश्वविद्यालय, 27 मानित विश्वविद्यालय, 120 निजी विश्वविद्यालय तथा 7 अन्य शासकीय संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे में परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन का अवसर उपलब्ध होगा।