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Tamil Nadu Elections 2026: Political battle intensifies over women's reservation
चेन्नई। तमिलनाडु के इरोड में चुनावी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से कांग्रेस और द्रमुक पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है और उन्हें उनके हिस्से का प्रतिनिधित्व नहीं मिलने दिया।
महिलाओं के अधिकार का मुद्दा बना चुनावी केंद्र
शाह ने कहा कि, महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक महिलाओं को राजनीतिक हिस्सेदारी देने की दिशा में बड़ा कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं के साथ धोखा किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस प्रयास को सफल बनाएगी और महिलाओं को न्याय दिलाया जाएगा।
सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी घमासान
अपने संबोधन में शाह ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में थी, ताकि जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस प्रक्रिया में बाधा डाली।
वंशवाद और भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार
रैली के दौरान द्रमुक नेतृत्व पर निशाना साधते हुए शाह ने वंशवाद की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति कुछ परिवारों के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है। साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।
राजनाथ सिंह का ऐलान, महिला आरक्षण हर हाल में लागू होगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तमिलनाडु दौरे के दौरान इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने से कोई भी ताकत रोक नहीं सकती।
गठबंधन की जीत का दावा, विपक्ष पर दबाव
भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में गठबंधन को जीत मिलेगी और राज्य में नई सरकार बनेगी। लगातार हो रहे हमलों और आरोपों के बीच यह साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा इस बार तमिलनाडु चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
चुनावी माहौल में बढ़ती तल्खी
जैसे जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, सियासी बयानबाजी और तेज होती जा रही है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब नजरें जनता के फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय करेगा।