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Telangana caste survey reveals the reality, the condition of SC, ST and OBC is very worrying
हैदराबाद। हैदराबाद में सामने आई जातिगत सर्वे रिपोर्ट ने तेलंगाना की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की गंभीर तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग सामान्य वर्ग की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा पिछड़े हैं, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग भी लगभग 2.7 गुना पीछे है।
CBI स्कोर ने दिखाया असली अंतर, जितना ज्यादा स्कोर उतना अधिक पिछड़ापन
इस सर्वे में पिछड़ेपन को मापने के लिए CBI स्कोर का उपयोग किया गया, जिसमें SC का स्कोर 96, ST का 95 और OBC का 86 दर्ज किया गया। वहीं सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति को दर्शाता है। राज्य में कुल 242 जातियों में से 135 जातियां ऐसी हैं, जो बहुत ज्यादा पिछड़ी श्रेणी में आती हैं। यह कुल आबादी का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा है।
रिपोर्ट के आंकड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने लाते हैं
88.2 प्रतिशत ST और 86.2 प्रतिशत SC परिवारों की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है, जबकि सामान्य वर्ग में यह आंकड़ा 56.2 प्रतिशत है
सामान्य वर्ग के 33 प्रतिशत बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, जबकि SC और ST में यह संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है
107 जातियों का स्कोर 81 से ज्यादा है, जो सबसे पिछड़े वर्ग में आते हैं
बुनियादी सुविधाओं में भी भारी असमानता
सर्वे में यह भी सामने आया कि मूलभूत सुविधाओं में भी बड़ा अंतर है
13.3 प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं है, जिसमें ST में यह आंकड़ा 32.5 प्रतिशत और SC में 18.8 प्रतिशत है
21 प्रतिशत घरों तक नल का पानी नहीं पहुंचता
5.8 प्रतिशत घरों में अब भी बिजली की सुविधा नहीं है, जिसमें ST और SC की हिस्सेदारी ज्यादा है
संपत्ति और संसाधनों में भी बड़ा फर्क
रिपोर्ट के अनुसार सामान्य वर्ग के लोगों के पास संपत्ति और संसाधन ज्यादा हैं। कार जैसे साधनों के मामले में सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी OBC से तीन गुना और SC ST से लगभग पांच गुना अधिक है।
विशेषज्ञों की राय, सामाजिक पहचान भी बन रही पिछड़ेपन का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वे केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता की भी गहरी तस्वीर दिखाता है। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अफरोज आलम के अनुसार यह स्वतंत्र भारत का पहला इतना व्यापक सर्वे है, जिसमें 3.55 करोड़ लोगों को शामिल किया गया।
42 मानकों पर हुआ आकलन, गहराई से समझा गया पिछड़ापन
इस सर्वे में शिक्षा, आय, आवास और सामाजिक भेदभाव जैसे 42 अलग अलग मानकों के आधार पर आंकड़े तैयार किए गए हैं। CBI स्कोर 0 से 126 के बीच होता है और जितना ज्यादा स्कोर होता है, उतना ही पिछड़ापन अधिक माना जाता है।