

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Temporary easing of tensions between the US and Iran; attacks halt after two weeks.
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव में लगभग दो सप्ताह बाद पहली बार शनिवार को राहत देखने को मिली। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कोई हमला नहीं किया। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की योजना को रोक दिया है। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों के घटते भंडार ने भी इस फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका हमले नहीं करता, तो वह क्षेत्र में उसके सहयोगी देशों को निशाना नहीं बनाएगा। मध्यस्थता से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्ष अंतरिम युद्धविराम की दिशा में लौटने की इच्छा जता रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा प्रस्तावित है, जहां उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात होनी है।
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने अपनी वायु सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर लिया है। सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि ईरानी सैन्य बल किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने में सफल नहीं हुआ और अब अपनी नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर निर्धारित समुद्री मार्ग से हट गया, जिसके बाद वह नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया और उसमें विस्फोट हो गया। ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि पहले ही चेतावनी दी गई थी कि तय मार्ग से भटकने वाले जहाजों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के पास पेट्रियाट एंटी मिसाइल इंटरसेप्टर सहित कई प्रमुख रक्षा प्रणालियों का भंडार तेजी से घट रहा है। माना जा रहा है कि यही स्थिति ट्रंप प्रशासन की रणनीतिक चिंताओं का एक प्रमुख कारण बनी हुई है।
अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध छिड़ सकता है। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ संबंध प्रभावित होने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना भी चिंता का विषय बनी हुई है।