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The 10th no-confidence motion in the 26-year history of the Chhattisgarh Legislative Assembly.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में जब भी सदन की चर्चा आधी रात तक या अगले दिन सुबह तक खिंची है, उसके पीछे मुख्य कारण अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पर होने वाली मैराथन बहस रही है। राज्य के संसदीय इतिहास में ऐसी प्रमुख घटनाएं जब निर्धारित समय की सीमा से परे आधी रात तक सदन चला ।
1. 22 दिसंबर 2017 – इतिहास की सबसे लंबी चर्चा (19 घंटे 20 मिनट)
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में 22 दिसंबर 2017 की रात को सबसे लंबी और ऐतिहासिक बहस के रूप में याद किया जाता है।
कारण: तत्कालीन रमन सिंह (भाजपा) सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव।
अवधि: यह चर्चा बिना किसी भोजन अवकाश (लंच/डिनर ब्रेक) के लगातार 19 घंटे 20 मिनट तक चली थी।
विशेष: चर्चा दोपहर को शुरू होकर पूरी रात चली और अगले दिन सुबह समाप्त हुई। इसमें कुल 47 विधायकों ने हिस्सा लिया था, जिसमें तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने करीब दो घंटे लंबा भाषण दिया था। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ की विधायी परंपरा का एक मील का पत्थर बताया था।
2. 21 जुलाई 2023 – बघेल सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 21 जुलाई 2023 को भी सदन की कार्यवाही आधी रात के बाद तक चलती रही।
कारण: तत्कालीन भूपेश बघेल (कांग्रेस) सरकार के खिलाफ भाजपा द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव।
अवधि: सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को दोपहर बाद शुरू हुई यह बहस देर रात तक चलती रही। आधी रात के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जवाब और विपक्ष के वॉकआउट के बाद इस प्रस्ताव को खारिज किया गया और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई।
3. 27 जुलाई 2022 – मानसून सत्र की मैराथन बहस
27 जुलाई 2022 को भी विधानसभा में भारी हंगामा और देर रात तक चर्चा का दौर चला था।
कारण: यह भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विपक्ष (भाजपा) द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रित था।
स्थिति: तीखी नोंक-झोंक और आरोपों-प्रत्यारोपों के कारण सदन की कार्यवाही देर रात और आधी रात के आस-पास तक खिंच गई थी।
4. 17 जुलाई 2026 – वर्तमान साय सरकार के खिलाफ चर्चा
हाल ही में 17 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के अंतिम दिन भी ऐसी ही स्थिति बनी।
कारण: वर्तमान विष्णुदेव साय (भाजपा) सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव।
स्थिति: विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अगुवाई में यह चर्चा दोपहर बाद शुरू हुई, जो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के कारण देर रात तक चलती रही।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जब भी चर्चा आधी रात तक या उसके पार गई है, वह लगभग हर बार अविश्वास प्रस्ताव के दौरान ही हुआ है, जहां पक्ष और विपक्ष दोनों ही जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर बिना थके घंटों बहस करते हैं।