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The landscape is changing for homebuyers in Naya Raipur... now, government housing will also feature a premium look.
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय परियोजनाओं में अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर नई नीति अपनाई जा रही है। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन करते हुए आवास मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को बेहतर टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक रंगों के इस्तेमाल के निर्देश दिए।मंत्री ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों की पहचान केवल सरकारी निर्माण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि बेहतर सुविधाएं देने के लिए परियोजना लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि होती है, तो इसे उपभोक्ताओं के हित में उचित माना जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से सरकारी एसओआर तक सीमित रहने के बजाय जरूरत के अनुसार उससे बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल करने को कहा।
मंडल में आवासीय परियोजनाओं को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। बिना मांग के नई कॉलोनी शुरू नहीं की जाएगी। किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने या शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग पूरी होने के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की नीति बनाई गई है।मंत्री के अनुसार हाउसिंग बोर्ड को करीब 700 करोड़ रुपए के कर्ज से मुक्त किया जा चुका है। अब मंडल का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन के साथ ऐसी आवासीय परियोजनाएं विकसित करना है, जिनमें लोगों को बेहतर निर्माण और सुविधाएं मिल सकें।
नवा रायपुर के सेक्टर-12 फेस-2 में बची 29.20 एकड़ जमीन पर एचआईजी और एमआईजी श्रेणी के 348 भवन बनाए जाएंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख से 85.17 लाख रुपए के बीच निर्धारित किया गया है।इसी सेक्टर में अगले चरण के दौरान 704 नए फ्लैट बनाने की भी तैयारी है। प्रस्तावित फ्लैटों में 128 एचआईजी, 320 एमआईजी और 256 एलआईजी श्रेणी के आवास शामिल होंगे। इनका प्रस्तावित बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख से 40.47 लाख रुपए तक रहेगा।
ओपी चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर को देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि शहर के करीब एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के लिए विकसित किया गया है और 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है।नवा रायपुर में एनआईएफटी, एनएफएसयू, एनआईईएलआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू और ट्रिपल आईटी जैसे संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा प्रबंधन शिक्षा, आध्यात्मिक केंद्र, एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं के विस्तार से शहर की आर्थिक और संस्थागत गतिविधियां भी बढ़ रही हैं।
आवास मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को समय पर हैंडओवर करने और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि कॉलोनियों के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों के समन्वय से आवासीय क्षेत्रों की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने पर ध्यान दिया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पीपल का पौधा भी लगाया गया। इस अवसर पर आवास सचिव अंकित आनंद और मंडल आयुक्त अवनीश शरण समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।