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The ongoing movement against rigging in examinations in Jharkhand intensifies
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में हो रहे धांधली को लेकर पिछले 12 दिन से चला आ रहा छात्र आंदोलन और तेज हो गया है। छात्रों ने जेपीएससी सिविल सेवा पीटी रद्द कराने और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की सीबीआई-ईडी से जांच कराने की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का
चौराहा तक तिरंगा यात्रा निकाली।
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन खत्म कराने की दिशा में पहल शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री का वार्ता संदेश लेकर सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार बुधवार करीब 3.30 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों को सीएम का संदेश सुनाया। उन्होंने कहा, कि सीएम छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना था, कि बातचीत सार्वजनिक मंच पर ही होगी।
इस बीच भाजपा विधायकों का दल भी बुधवार को आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचा। उन्होंने छात्रों का मनेबल बढ़ाया और आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा, कि छात्रों की मांग पूरी तरह से जायज है और नियुक्ति परीक्षाओं में फैले भ्रष्टाचार की सबीआई जांच की मांग का हमलोग समर्थन करते हैं। गौरतलब है, कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिसमें छात्रों का आंदोलन और रोजगार जैसे मुद्दे छाए रहने की संभावना है।
आपको बता दें, कि इससे पहले सीएम ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की एक कमेटी बनाई, जिसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार दोपहर अपने आवास पर इन मंत्रियों के साथ बैठक की, इसमें छात्रों से बातचीत पर चर्चा हुई। इसके बाद छात्र नेताओं को बातचीत का न्योता भेजा गया, लेकिन बातचीत पर सहमति नहीं बन सकी।