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Three Agricultural University exam papers leaked in just 13 days.
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के तीन पेपर सिर्फ 13 दिनों के भीतर ही लीक होने का मामला विवादों में आ गया है। सात अगस्त और 20 अगस्त के अलावा 19 अगस्त का पर्चा भी लीक होने के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय की ओर से तीसरी एफआईआर रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इस मामले में 6 दिन पहले ही दुर्ग के भारतीय कृषि महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया और 5 छात्रों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब प्रोफेसर क खिलाफ एक और अपराध दर्ज किया गया है।
आपको बता दें, भारतीय कृषि महाविद्यालय इससे पहले भी विवादों में रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पर्चे लीक करने का आरोपी सहायक प्रोफेसर जिस कृषि महाविद्यालय में पदस्थ रहा है, वहां वह पहले भी विवादों में रहा है। पुलिस अब महाविद्यालय से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। दरअसल पर्चे के जो लिफाफे महाविद्यालय में सुरक्षित होने चाहिए थे, उसे आरोपी अपने घर ले गया था। एफआईआर के मुताबिक 19 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी कृषि महाविद्यालयों में सुबह 10 बजे से दोपहर 01 बजे तक एबीपी-5121 यानि फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। 26 अगस्त को इस पेपर के पहले ही लीक होने को लेकर हंगामा मच गया। जबकि 7 और 20 अगस्त के पर्चे लीक होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी, तो एक दिन में ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कराई और रात में ही पुलिस से तीसरी लिखित शिकायत की। पांच सदस्यीय टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, पीडीएफ फाइल और मूल प्रश्न पत्र का मिलान कर पेपर लीक होने की पुष्टि की है। लिहाजा तीसरा पेपर भी रद्द कर दिया गया है।
अगर पेपर लीक होने के तरीके की बात करें तो बताया जा रहा है, कि इंडोस्कोपी कैमरे के जरिए आरोपी योगेश ने प्रश्न पत्र का वीडियो बनाया। लिफाफे में छेद करके उसके अंदर कैमरा डाला और मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया। चूंकि प्रश्नपत्र एक ही पन्ने का था और सवाल भी पहले पन्ने पर लिखे थे, इसका फायदा भी उसे मिला।
दूसरी तरफ निजी कृषि महाविद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर भी तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले में आरोपी सहायक प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के साथ छात्र अजय नायक नगरदा बलौदाबाजार, त्रिदेव पटेल सरायपाली, नितिन पांडेय तामाकोनी बस्तर, अनुज मिंज पत्थलगांव जशपुर और आदित्य साहू हथौद अभी जेल में बंद हैं। इन छात्रों पर यह आरोप है, कि इनके जरिए ही पेपर एक से तीन हजार रुपए में अन्य छात्रों को बेचे गए हैं।
अगर अब तक की कार्रवाई की बात करें तो, इस मामले में सिविल लाइंस रायपुर के एसीपी रमाकांत साहू ने कहा, कि कृषि विश्वविद्यालय का 19 अगस्त का बीएससी प्रथम वर्ष, 20 अगस्त की बीएससी द्वितीय वर्ष एवं 7 अगस्त को बीएससी प्रथम वर्ष का पेपर लीक होने की एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी सहायक प्रोफेसर को जल्द ही पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पर्चा लीक कांड में शामिल कुछ और लोग फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।