

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Three cases of use of unfair means in the MBBS first-year examination; university cancels the question papers.
रायपुर। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय की MBBS प्रथम वर्ष की परीक्षा में अनुचित साधन (Unfair Means) के इस्तेमाल के तीन मामले सामने आए हैं। परीक्षा के दौरान पकड़े गए इन मामलों की विश्वविद्यालय की अनुचित साधन निवारण समिति ने जांच और सुनवाई की। इसके बाद तीनों छात्राओं के खिलाफ नियमों के तहत अलग-अलग कार्रवाई तय की गई है।
इन तीन मामलों में दो छात्राएं रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की हैं। विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार रिम्स की छात्रा रोमा मिंज के मामले में रेगुलेशन-10 के तहत संबंधित विषय की पूरी परीक्षा निरस्त करने का दंड दिया गया है।
वहीं रिम्स की ही छात्रा खुशी सिंह के मामले में रेगुलेशन-10 के बिंदु चार के तहत संबंधित दिन का प्रश्नपत्र निरस्त किया गया है।
तीसरा मामला दुर्ग स्थित अभिषेक आइपी मिश्रा मेडिकल साइंस कॉलेज की छात्रा खुशी से संबंधित है। समिति की जांच के बाद उनके मामले में भी रेगुलेशन-10 के बिंदु चार के तहत संबंधित दिन का प्रश्नपत्र निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, परीक्षा के दौरान तीनों छात्राओं के पास अनुचित साधन पाए गए थे। इसके बाद संबंधित प्रकरण तैयार कर विश्वविद्यालय की अनुचित साधन निवारण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति ने प्रत्येक मामले की सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद नियमों के अनुरूप दंड निर्धारित किया।
रायपुर की दोनों छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्र आयुष विश्वविद्यालय के महामारी विज्ञान भवन में बनाया गया था। वहीं दुर्ग की छात्रा का परीक्षा केंद्र शासकीय नर्सिंग कॉलेज, दुर्ग में था।
समिति की बैठक में तीनों मामलों पर अलग-अलग सुनवाई की गई। जांच पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय ने संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की। एक मामले में संबंधित विषय की पूरी परीक्षा निरस्त की गई, जबकि दो अन्य मामलों में संबंधित दिन का प्रश्नपत्र निरस्त किया गया।