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Train runs at 110 kmph on Raoghat rail line; CRS speed trial successful.
रायपुर/अंतागढ़। बस्तर क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। मंगलवार को ताड़ोकी से रावघाट के बीच करीब 18 किलोमीटर लंबे विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सुमीत सिंघल ने निरीक्षण किया। इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाकर ट्रैक की संरक्षा और परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।रेलवे की इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत नए खंड पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। निरीक्षण और गति परीक्षण के बाद अब संरक्षा रिपोर्ट तथा आवश्यक स्वीकृति का इंतजार है।
सीआरएस सुमीत सिंघल के नेतृत्व में पहुंची तकनीकी टीम ने ताड़ोकी से रावघाट तक रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे ट्रैक, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण व्यवस्था, सिग्नलिंग सिस्टम और रावघाट स्टेशन के बुनियादी ढांचे की जांच की गई।निरीक्षण के बाद नए रेलखंड पर तेज गति से ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल भी किया गया। अधिकारियों ने रेल परिचालन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का परीक्षण किया।इस दौरान बिलासपुर मुख्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण मुदित भटनागर, रायपुर मंडल रेल प्रबंधक दयानंद और रेल विकास निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ताड़ोकी से रावघाट तक यात्री ट्रेन चलाने के लिए सीआरएस की जांच अहम प्रक्रिया है। निरीक्षण के बाद करीब चार दिनों में रिपोर्ट आने की बात कही गई है। यदि जांच के दौरान कोई छोटी-मोटी कमी सामने आती है, तो उसे दूर करने के बाद परिचालन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक रावघाट तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, अंतिम तारीख संरक्षा संबंधी स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्भर करेगी।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर बताई गई है। इस मार्ग पर दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेनों का संचालन पहले से हो रहा है।अब ताड़ोकी से रावघाट तक नए रेलखंड का निरीक्षण पूरा होने के बाद मौजूदा यात्री सेवा को आगे बढ़ाने की संभावना बनी है। आवश्यक मंजूरी मिलने पर इस मार्ग की समय-सारिणी जारी की जाएगी और यात्रियों को रावघाट तक रेल सुविधा मिल सकेगी।
रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से आसपास के क्षेत्रों में आवागमन के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है। रेल सुविधा से स्थानीय नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है।इसके साथ ही कृषि उत्पादों और स्थानीय व्यापारिक वस्तुओं के परिवहन में भी आसानी होगी। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाओं से जुड़ी रही है। ताड़ोकी-रावघाट खंड पर सफल गति परीक्षण के बाद परियोजना के अगले चरण की राह खुली है।अब सभी की नजर सीआरएस की अंतिम रिपोर्ट, संरक्षा संबंधी स्वीकृति और रेलवे की ओर से जारी होने वाली समय-सारिणी पर है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही रावघाट तक नियमित यात्री ट्रेन सेवा शुरू हो सकेगी।