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Trump and Xi hold a major meeting in Beijing! Agreement reached on Hormuz, but China issues open warning to the US on Taiwan
नई दिल्ली/बीजिंग। झी जिनपिंगने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ताइवान मुद्दे पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस मामले को लापरवाही से संभाला गया तो चीन और अमेरिका के बीच सीधा टकराव हो सकता है। बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के बीच ताइवान, ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई।
दो घंटे चली बंद कमरे की बैठक, ताइवान बना सबसे बड़ा मुद्दा
करीब नौ साल बाद चीन पहुंचे ट्रंप का बीजिंग में भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच लगभग दो घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक शी जिनपिंग ने साफ कहा कि ताइवान चीन की ‘रेड लाइन’ है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह की दखलअंदाजी या गलत रणनीति गंभीर संघर्ष को जन्म दे सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने पर बनी सहमति
तनाव के बीच दोनों देशों ने होरमुज़ जलसंधि को वैश्विक व्यापार के लिए खुला रखने पर सहमति जताई। साथ ही दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति बनाई कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि चीन ईरान पर दबाव बनाने में अमेरिका का कितना साथ देगा।
ट्रंप का दावा- ईरान को हथियार नहीं देगा चीन
बैठक के बाद ट्रंप ने दावा किया कि चीन ने ईरान को सैन्य सहायता या हथियार नहीं देने का भरोसा दिया है। हालांकि चीन की ओर से इस पर कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज क्षेत्र की अस्थिरता को लेकर दोनों देशों में बैकडोर समझ विकसित करने की कोशिश हो रही है।
चीन खरीदेगा 200 बोइंग विमान
बीजिंग शिखर वार्ता के दौरान आर्थिक सहयोग पर भी बड़ा फैसला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अमेरिका से 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति जताई है। यह सौदा लगभग 10 साल बाद दोनों देशों के बीच एविएशन सेक्टर में बड़े स्तर की वापसी माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया
बैठक के दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग को सितंबर में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया। दोनों नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और रणनीतिक स्थिरता पर संवाद बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
‘थुसिडिडस ट्रैप’ का जिक्र कर चीन ने दिया संकेत
सूत्रों के अनुसार शी जिनपिंग ने बातचीत के दौरान ‘थुसिडिडस ट्रैप’ का जिक्र भी किया। यह वह सिद्धांत है जिसमें उभरती ताकत और स्थापित महाशक्ति के बीच प्रतिस्पर्धा युद्ध में बदल सकती है। चीन ने संकेत दिया कि दोनों देशों को प्रतिस्पर्धा के बावजूद टकराव से बचने के लिए जिम्मेदार रवैया अपनाना होगा।
दुनिया की नजर अब अमेरिका-चीन रिश्तों पर
ताइवान, ईरान और होर्मुज जैसे मुद्दों पर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका और चीन के रिश्ते वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।