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Trump's bold move on Iran: Proposal for relief on oil exports, conditional on nuclear inspections and opening the Strait of Hormuz.
वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर बड़ा कूटनीतिक प्रस्ताव सामने रखा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करता है और अपने परमाणु केंद्रों के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति देता है, तो उस पर लगे कई आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है।
स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को 60 दिनों तक वैश्विक बाजार में तेल निर्यात करने की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है। ऊर्जा क्षेत्र की एक परामर्श संस्था के अनुसार इस व्यवस्था के लागू होने पर ईरान प्रतिदिन लगभग 20 लाख बैरल तक तेल बेच सकेगा। इससे पहले युद्ध के दौरान उसका निर्यात काफी प्रभावित हुआ था।
ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सकती है। साथ ही अगले चरण की बातचीत को लेकर भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक माहौल बनने की बात कही जा रही है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने दावा किया कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है, तो अगले 30 दिनों के भीतर ईरान की अमेरिका, यूरोप और एशिया में जमी कुछ संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से मुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा कृषि व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से ईरान द्वारा अमेरिकी सोयाबीन और मक्का की खरीद की भी संभावना जताई गई है।
खाड़ी मामलों के जानकारों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन के लिए ईरान के साथ तनाव कम करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। उनका कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद अहम है और लंबे समय तक तनाव रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर व्यापक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने के बावजूद इजराइल अपनी सुरक्षा रणनीति में तत्काल बदलाव नहीं करेगा। खासकर लेबनान में ईरान समर्थित संगठनों के खिलाफ उसकी सैन्य गतिविधियां फिलहाल जारी रह सकती हैं।
हालांकि शुरुआती बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है। अगले लगभग 60 दिनों के दौरान दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत होने की संभावना है, जिनमें परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
इस बीच कतर की रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित गैस प्लांट में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। भारतीय दूतावास के अनुसार इस दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्रालय ने एक पाकिस्तानी नागरिक के भी मारे जाने की पुष्टि की है। हादसे में घायल 66 लोगों का इलाज जारी है। भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।