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Trump makes bold claim regarding the Strait of Hormuz; Iran states otherwise on nuclear inspections.
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और हाल ही में एक दिन में करीब 1 करोड़ 90 लाख बैरल (लगभग 2 करोड़ बैरल) तेल का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया गया। उनके अनुसार, ईरान के साथ बनी सहमति के बाद इस अहम समुद्री मार्ग पर व्यापार निर्बाध रूप से चल रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ढांचे की दीर्घकालिक और उच्च स्तरीय निगरानी स्वीकार कर ली है। उन्होंने संकेत दिए कि होर्मुज क्षेत्र से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में भी ढील दी जा सकती है।
हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के इन दावों से असहमति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट कहा कि तेहरान ने अपने परमाणु स्थलों पर किसी नई निरीक्षण व्यवस्था या अतिरिक्त शर्तों को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अमेरिका के साथ समझौते के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं था और भविष्य में भी इसे बातचीत के दायरे में नहीं लाया जाएगा।उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ईमानदार संवाद तथा आपसी सहयोग पर जोर दिया। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात के दौरान पेजेश्कियान ने ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की रचनात्मक भूमिका की भी सराहना की।
उधर, दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की फायरिंग में दो लोगों की मौत और दो अन्य के घायल होने की खबर है। इस घटना के बाद हिजबुल्लाह ने इसे विश्वासघातपूर्ण कार्रवाई बताते हुए जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 बैच के 183 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक सेवा में हर फाइल केवल कागज नहीं होती, बल्कि करोड़ों नागरिकों की उम्मीदों, समस्याओं और भविष्य का प्रतिनिधित्व करती है।प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से 'नागरिक देवो भवः' की भावना के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी सफलता पद या अधिकार नहीं, बल्कि जनता के जीवन में दिखाई देने वाला सकारात्मक बदलाव होना चाहिए।