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Twisha Sharma death case: Strictly on complaint of 'VIP treatment' in jail, DIG submits inquiry report to DG
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब जेल के भीतर आरोपियों को कथित तौर पर दी जा रही विशेष सुविधाओं को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह को ‘VIP ट्रीटमेंट’ दिए जाने की शिकायत के बाद जेल मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में डीआईजी संजय पांडे ने जेल पहुंचकर जांच की और अब अपनी विस्तृत रिपोर्ट जेल महानिदेशक (DG) वरुण कपूर को सौंप दी है।
सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद मां-बेटे को कथित रूप से बाहर से फल, ड्राय फ्रूट्स और अन्य प्रतिबंधित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि जेल प्रशासन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि आरोपियों को केवल वही सुविधाएं दी गई हैं, जो जेल मैनुअल और नियमों के तहत अनुमत हैं।
जेल अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार का नियम विरुद्ध वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया है। अब डीआईजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
गौरतलब है कि जेल पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों की तबीयत खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बाद गिरिबाला को महिला वार्ड में इमरजेंसी उपचार के लिए विशेष बेड पर रखा गया, जबकि समर्थ सिंह को जेल के ‘बी-ब्लॉक’ स्थित अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
इधर मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भी लगातार कार्रवाई तेज कर रही है। सीबीआई ने कोर्ट में एक अहम मेमोरी कार्ड पेश किया है, जिसमें घटना से जुड़े मकान की विस्तृत वीडियोग्राफी मौजूद है। अदालत ने इस वीडियोग्राफी और केस डायरी को आधिकारिक रिकॉर्ड में साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई अब ट्विशा शर्मा के स्त्रीधन यानी शादी के दौरान मिले गहनों और सामान से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। जांच एजेंसी का प्रयास है कि दहेज उत्पीड़न और हत्या से जुड़ी धाराओं को अदालत में मजबूत तरीके से साबित किया जा सके।