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Thousands defrauded with promises of doubling their money; 8 arrested from Haridwar, including the mastermind; scam estimated at ₹1,000 crore.
बालाघाट। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कम समय में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बालाघाट पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने समेत आठ आरोपियों को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने अब तक 500 से 600 करोड़ रुपये की ठगी की है, जबकि जांच में यह आंकड़ा 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में सोमेंद्र कंकरायने के अलावा तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायने और प्रद्युम्न कंकरायने सहित अन्य सहयोगी शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने बालाघाट जिले की लांजी तहसील के बोलेगांव का रहने वाला है। उसने तीन से छह महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर किसानों, ग्रामीणों और सरकारी कर्मचारियों से बड़ी संख्या में निवेश कराया। इस फर्जी निवेश योजना में उसके साथ हेमराज आमाडारे और अजय तिड़के भी शामिल थे।
साल 2022 में पुलिस जांच के दौरान इनकी निवेश योजनाएं फर्जी पाई गई थीं। उस समय सोमेंद्र को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 20 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे, जिन्हें न्यायालय में जमा कराया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गई और वह फरार हो गया।
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि जमानत मिलने के बाद सोमेंद्र लगातार जगन्नाथ पुरी, हरिद्वार, त्र्यंबकेश्वर, रामेश्वरम और मीनाक्षी मंदिर जैसे तीर्थस्थलों में ठिकाने बदलकर रह रहा था। वह अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां बेचने की तैयारी में था। पुलिस ने खरीदार बनकर उससे संपर्क किया और हरिद्वार में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
महज 12वीं तक पढ़ा सोमेंद्र बेहद शातिर तरीके से गिरोह चला रहा था। पुलिस के अनुसार, वह बातचीत के लिए टेलीग्राम कॉल का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। उसे आलीशान जीवनशैली, महंगी कारों और ब्रांडेड कपड़ों का शौक था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क, निवेशकों की संख्या और रकम के वास्तविक आंकड़े का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह देश के बड़े डबल मनी घोटालों में से एक साबित हो सकता है।